नेशनल डेस्क : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार, 4 मई को एक सशक्त और स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि भारत पर हमला करने की हिम्मत करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है। यह टिप्पणी उन्होंने हाल ही में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के संदर्भ में दी, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
PM मोदी की नेतृत्व शैली पर भरोसा
आपको बता दें कि दिल्ली में आयोजित संस्कृति जागरण महोत्सव को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की याद दिलाई। उन्होंने कहा “मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, आप जो चाहते हैं वह निश्चित रूप से होगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री की दृढ़ता और संकल्प की सराहना करते हुए देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर चुनौती का साहसपूर्वक और निर्णायक ढंग से सामना करेगी।
हमला होने के दो घंटे बाद बताया था कि मोदी इस बार सामने से मारेगा।
समय लग रहा है तो अपने भी सवाल उठा रहे है।
पर यकीन मानो, मोदी इस बार इतिहास बदल देगा, भूगोल बदलने की नीव रख देगा।
जो सरकार के संकेत नहीं समझ रहे है वो भारत का प्रतिकार देखकर हैरान रह जाएँगे।
बस इंतज़ार कीजिए, हम… pic.twitter.com/DGahZ2hD9T
— Baliyan (@Baliyan_x) May 4, 2025
“राष्ट्र की रक्षा मेरा कर्तव्य”
रक्षा मंत्री ने आगे कहा, “एक राष्ट्र के रूप में हमारे वीर सैनिकों ने भारत के भौतिक स्वरूप की रक्षा की है, वहीं ऋषि-मुनियों ने भारत के आध्यात्मिक स्वरूप की रक्षा की है। मेरी जिम्मेदारी है कि मैं देश पर हमला करने वालों को करारा जवाब दूं।” उन्होंने सीमा पर तैनात सैनिकों और देश की रक्षा में लगे हर व्यक्ति की भूमिका को सलाम करते हुए कहा कि रणभूमि और जीवनभूमि दोनों पर लड़ने वालों को साथ लेकर ही भारत सशक्त रहेगा।
अब तक का सबसे घातक हमला
दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास स्थित बैसरन घास के मैदान में बंदूकधारियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। यह हमला घाटी में हाल के वर्षों में नागरिकों पर सबसे बड़ा आतंकवादी हमला माना जा रहा है।
PM मोदी ने दी सेना को फ्री हैंड
इस हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में उन्होंने कहा कि सेना को पूरी ऑपरेशनल स्वतंत्रता दी गई है — यानी वह कब, कैसे और कहां जवाब दे, यह तय करने का अधिकार सेना के पास होगा।
रक्षा मंत्री का यह बयान इस बात का संकेत है कि भारत अब किसी भी आतंकी हमले या सीमा पर तनाव को नजरअंदाज नहीं करेगा। सरकार और सेना मिलकर देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

