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Operation Sindoor: ‘सुदर्शन चक्र उठा लिया है, भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करेगा’, संसद में गरजे राजनाथ सिंह

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भारत के सैन्य संकल्प, शांति की नीति और पाकिस्तान की नीयत पर बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा, “अगर हम शांति के लिए हाथ बढ़ाना जानते हैं, तो अशांति फैलाने वालों के हाथ उखाड़ना भी जानते हैं। अब हमने भगवान कृष्ण से प्रेरणा लेकर सुदर्शन चक्र उठा लिया है, भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करेगा।”

राजनाथ सिंह का बयान

राजनाथ सिंह ने कहा, ”हमने हमेशा शांति और दोस्ती का रास्ता चुना, चाहे वह 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर यात्रा हो या 2015 में मोदी जी की पाकिस्तान यात्रा। लेकिन हर बार पाकिस्तान ने पीठ में छुरा घोंपा, साजिशें कीं और आतंकवाद को बढ़ावा दिया। 22 अप्रैल कोपहलगाम हमले में 26 नागरिकों की हत्या के बाद, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। यह दिखाता है कि भारत अब हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा, वह भी सीधे दुश्मन की जमीन पर जाकर।”

 

पाकिस्तान की नीति पर कड़ा हमला 

पाकिस्तान ने आतंकवाद को “राज्य की नीति” (State Policy) बना लिया है। आतंकियों को राजकीय सम्मान से दफनाया गया, जिससे उनकी नीयत दुनिया के सामने आ गई है। पाकिस्तान भारत से सीधे युद्ध में नहीं जीत सकता, इसलिए वह छद्म युद्ध (proxy war) का रास्ता अपनाता है।

अब माफी नहीं, प्रतिक्रिया होगी

राजनाथ सिंह ने कहा, “यह सीमा का नहीं, सभ्यता और बर्बरता का संघर्ष है।” उन्होंने चेतावनी दी कि “भारत को 1000 जख्म देने का सपना देखने वाले अब जाग जाएं, वरना बहुत देर हो जाएगी।” रक्षा मंत्री ने अपने भाषण में भगवान राम और कृष्ण, शिशुपाल, सुदर्शन चक्र जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल किया। राजनाथ सिंह ने कहा, “हमने भगवान कृष्ण से सीखा है कि 100 गलतियां माफ की जा सकती हैं, लेकिन अब माफी नहीं, प्रतिक्रिया होगी।”

हमारी मिसाइलें सीमाएं लांघेंगी

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। भारत अब आतंक की भाषा को उसकी ही शैली में जवाब देगा। हमारी मिसाइलें सीमाएं लांघेंगी, और हमारे सैनिक दुश्मन की कमर तोड़ेंगे।” ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई थी, बल्कि यह भारत की बदली हुई रणनीति और मानसिकता का संकेत है। राजनाथ सिंह के शब्दों में, अब दुनिया को भारत की सहनशीलता नहीं, उसकी शक्ति भी दिखाई देगी।

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