नेशनल डेस्क: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक परिसर का दौरा किया और वहां भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में HAL की भूमिका की जमकर सराहना की। इस दौरान उन्होंने तेजस Mk1A लड़ाकू विमान की पहली उड़ान देखी और नई विमान निर्माण लाइनों का उद्घाटन भी किया।
HAL बना आत्मनिर्भर भारत का मजबूत स्तंभ
राजनाथ सिंह ने कहा, “HAL देश की रक्षा शक्ति का प्रतीक बन चुका है।” उन्होंने आगे कहा कि जब उन्होंने सुखोई-30, तेजस Mk1A और HTT-40 विमानों की उड़ानें देखीं, तो उन्हें गर्व का अनुभव हुआ। यह सब भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
#WATCH | Nashik, Maharashtra: Union Defence Minister Rajnath Singh says, “Today, the inauguration of the third production line of HAL, which makes the LCA Mk1A Tejas, and the second production line of the HTT 40 aircraft, is being held… I congratulate everyone at HAL… I feel… https://t.co/OhSUaXSxPQ pic.twitter.com/OO8g9BU0Qm
— ANI (@ANI) October 17, 2025
तेजस Mk1A और HTT-40 के लिए नई उत्पादन लाइनें
रक्षा मंत्री ने दो महत्वपूर्ण निर्माण लाइनों का उद्घाटन किया। इसमें तेजस Mk1A के लिए तीसरी उत्पादन लाइन और HTT-40 प्रशिक्षण विमान के लिए दूसरी उत्पादन लाइन शामिल है। इन लाइनों से भारत की रक्षा जरूरतों को घरेलू स्तर पर पूरा करने की क्षमता बढ़ेगी।
नासिक की पहचान बदली – मिग से सुखोई तक
राजनाथ सिंह ने नासिक की HAL इकाई की इतिहासिक यात्रा को याद करते हुए कहा कि यह स्थान कभी मिग विमान उत्पादन के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह सुखोई जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों के निर्माण में अग्रणी बन गया है।
आध्यात्मिकता और शक्ति का संगम
उन्होंने नासिक की धार्मिक विरासत से भी भावनात्मक संबंध जोड़ा। उन्होंने कहा, “त्र्यंबकेश्वर भगवान शिव का स्थान है। यह भूमि न केवल भक्ति की है, बल्कि अब यह आत्मनिर्भरता और शक्ति की भी प्रतीक बन चुकी है।”
क्या है तेजस Mk1A?
तेजस Mk1A एक 4.5 पीढ़ी का बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है। इसके खास फीचर्स में शामिल हैं, बेहतर एवियोनिक्स सिस्टम, हवा से हवा में ईंधन भरने की सुविधा वायु रक्षा, जमीनी और समुद्री हमले की क्षमताएं। यह तेजस का उन्नत संस्करण है और भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को और मजबूत करेगा।
बताते चलें कि, राजनाथ सिंह का यह दौरा भारत की रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हो रहे ठोस प्रयासों का प्रमाण है। HAL न केवल आधुनिक विमान तैयार कर रहा है, बल्कि यह भारत की रक्षा ताकत को स्वदेशी रूप से मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

