नेशनल डेस्क: शुक्रवार शाम को दिल्ली-NCR में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज धूल भरी आंधी और बारिश की वजह से लोगों को गर्मी और लू से कुछ राहत मिली। पिछले कई दिनों से दिल्ली और आसपास के इलाकों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर जा रहा था, जिससे भीषण गर्मी का असर था। मौसम विभाग ने पहले ही शुक्रवार को हल्की बारिश और आंधी की संभावना जताई थी, जो बिल्कुल सही साबित हुई। बारिश के कारण दिल्ली की हवा की गुणवत्ता (Air Quality) भी थोड़ी बेहतर हुई है, जो सुबह तक ‘खराब’ श्रेणी में थी।
अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
शनिवार (17 मई) से लेकर बुधवार (21 मई) से 25 मई तक दिल्ली-NCR में बादल छाए रहेंगे और हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिलेगी। 18 मई तक तापमान 42°C तक रह सकता है, उसके बाद इसमें थोड़ी गिरावट आ सकती है। 25 मई तक अधिकतम तापमान 38°C तक रहने की उम्मीद है।
#WATCH | Delhi | Sudden change in weather causes strong winds and heavy rains in several parts of the National Capital, providing relief from the excessive heat.
(Visuals from Saket) pic.twitter.com/ft9jP0A1yi
— ANI (@ANI) May 16, 2025
देश के अन्य राज्यों में मौसम का हाल
राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी बनी हुई है और हीटवेव (लू) की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। आने वाले दिनों में इन इलाकों में बारिश जारी रह सकती है।

कब पहुंचेगा मानसून?
इस बार मानसून के 27 मई को केरल पहुंचने की संभावना जताई गई है। अगर ऐसा होता है, तो यह 2009 के बाद पहली बार होगा जब मानसून तय तारीख से पहले आएगा। आमतौर पर 1 जून तक मानसून केरल में प्रवेश करता है और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। दिल्ली में मानसून सामान्यत: 1 जुलाई तक पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 25 जून तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।
दिल्ली का हवा हुई खराब
दरअसल, दिल्ली में एक बार फिर वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। शुक्रवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 301 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। कई इलाकों में AQI इससे भी ज्यादा रहा। आम आदमी पार्टी (AAP) का हमला करते हुए कहा, “मई में ही दिल्ली-NCR जहरीली धूल में डूबा है। कई इलाकों में AQI 500 पार कर गया है। दिल्ली और आसपास भाजपा की सरकारें हैं, फिर भी कोई काम नहीं हो रहा।”