नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बिहार के छपरा में एक चुनावी रैली के दौरान महागठबंधन (राजद-कांग्रेस) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने चुनाव के लिए घोषणापत्र नहीं, बल्कि “रेट लिस्ट” जारी की है। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी हर घोषणा के पीछे लूट और भ्रष्टाचार का इरादा छिपा है।
यह भी पढ़ें: ‘कांग्रेस और RJD छठी मैया का अपमान कर रहे’, मुजफ्फरपुर रैली से पीएम मोदी का हमला
पीएम मोदी ने कहा, “जंगलराज के नेता जनता को गुमराह कर रहे हैं। राजद और कांग्रेस का घोषणापत्र असल में उनकी रेट लिस्ट है। उनकी हर घोषणा के पीछे रंगदारी, फिरौती, लूट और भ्रष्टाचार का इरादा छिपा है।” प्रधानमंत्री ने 1998 के ‘चंपा बिस्वास’ मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में राजद शासन ने बिहार को भय और अराजकता में झोंक दिया था। पीएम मोदी ने कहा, “एक दलित आईएएस अधिकारी की पत्नी और परिवार के साथ जो हुआ, उसे सुनकर आज का युवा सिहर उठेगा। उस समय मुख्यमंत्री कार्यालय माफियाओं का अड्डा बन गया था।”
RJD-कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र नहीं, अपनी रेटलिस्ट जारी की है।
इनकी हर घोषणा के पीछे का असली मकसद- रंगदारी, फिरौती, लूट-खसूट, भ्रष्टाचार… यही सब है।
– पीएम @narendramodi pic.twitter.com/iz72qOotIR
— BJP (@BJP4India) October 30, 2025
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि पार्टी के नेताओं ने बिहारियों का अपमान किया। उन्होंने 2022 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बयान को याद दिलाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “भैयाओं (यानी यूपी-बिहार के लोगों)” को पंजाब में प्रवेश नहीं करने देना चाहिए। मोदी ने कहा, “जब यह बयान दिया गया, तब प्रियंका गांधी उनके साथ मंच पर थीं और मुस्कुरा रही थीं।” प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि राजद-कांग्रेस और ‘भारत गठबंधन’ ने हमेशा बिहार और उसके लोगों को नीचा दिखाया है।
2025 के बिहार चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन के बीच होगा। एनडीए में भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी, दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीआई-एमएल), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा ठोक दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। इसमें से पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा जबकि दूसरे चरण के मतदान 11 नवंबर को होंगे। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...