बिहार डेस्क : बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी है। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में लगे हुए है। इसी बीच, जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने राज्य की दो बड़े नेताओं लालू यादव और नीतीश कुमार पर जोरदार हमला किया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
राज्य में शिक्षा की भारी कमी…
आपको बता दें कि प्रशांत किशोर ने आरजेडी और जेडीयू पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन दोनों के लंबे समय के शासन ने बिहार को “मजदूरों का राज्य” बना दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा की भारी कमी है, गरीबी लगातार बढ़ रही है और बेरोजगारी का कोई हल नहीं निकाला गया। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि बच्चों को स्कूल की जगह बोरे ढोने पर मजबूर कर दिया गया है। उनके अनुसार, इस स्थिति से निकलने का एकमात्र रास्ता अच्छी शिक्षा है।
पढ़ेगा बिहार, बढ़ेगा बिहार
प्रशांत किशोर ने साफ किया कि जन सुराज की विचारधारा यही है कि अब बिहार का हर बच्चा पढ़ेगा, नौकरी करेगा और एक सम्मानजनक जीवन जिएगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब कोई बच्चा अपनी पीठ पर बोरा नहीं ढोएगा, बल्कि अपने कंधों पर किताबों वाला बैग लेकर स्कूल जाएगा।
जन सुराज को मिला ‘स्कूल बैग’ चुनाव चिन्ह
चुनाव आयोग ने आगामी चुनाव के लिए जन सुराज पार्टी को ‘स्कूल बैग’ चुनाव चिन्ह के रूप में मान्यता दी है। प्रशांत किशोर ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रतीक पार्टी की शिक्षा-केंद्रित सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही गरीबी, बेरोजगारी और पिछड़ेपन को खत्म करने की सबसे मजबूत चाबी है।
मोदी सरकार पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने सिर्फ राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि केंद्र में बैठी मोदी सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले 11 साल से सत्ता में हैं, लेकिन बिहार की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। बड़ी-बड़ी योजनाएं और उद्योग की घोषणाएं तो हुई हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि बिहार का युवा आज भी नौकरी की तलाश में बाहर जा रहा है।
सरकारी दावों को बताया ‘झूठ का पुलिंदा’
प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार की सभी योजनाएं सिर्फ कागजों पर अच्छी लगती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं है। उन्होंने शौचालय निर्माण, शिक्षा सुधार और गरीबी उन्मूलन जैसे मुद्दों पर सरकार की विफलता की बात कही। उन्होंने कहा कि जितने भी दावे किए जा रहे हैं, वे सब “हेरफेर” और “प्रचार” पर आधारित हैं।
विधानसभा में कौन कहां खड़ा है?
वर्तमान में बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास 131 सीटें हैं। इनमें बीजेपी के पास 80, जेडीयू के पास 45, ‘हम’ (Hindustani Awam Morcha) के पास 4 सीटें हैं और 2 निर्दलीय सदस्य उनका समर्थन कर रहे हैं। वहीं विपक्षी भारत गठबंधन (INDIA Bloc) के पास 111 सीटें हैं, जिनमें आरजेडी के पास 77, कांग्रेस के पास 19 और वाम दलों (सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई एमएल) के पास मिलाकर 15 सीटें हैं।
जन सुराज पूरी तैयारी के साथ मैदान में
जन सुराज पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में पूरी तैयारी के साथ उतरने जा रही है। प्रशांत किशोर पहले ही कई जिलों में पदयात्रा और संवाद कार्यक्रम चला चुके हैं। पार्टी की कोशिश है कि बिहार की राजनीति में एक नया और वैकल्पिक रास्ता दिखाया जाए। चुनाव अक्टूबर या नवंबर में होने की संभावना है, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से अभी तक आधिकारिक तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है।

