नेशनल डेस्क : झारखंड के रांची जिले के सिल्ली प्रखंड के मरदु गांव में बुधवार की सुबह एक रॉयल बंगाल टाइगर (बाघ) के अचानक एक किसान के घर में घुस जाने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। यह बाघ पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) से भटककर इस गांव में आ गया। जिसके बाद किसान ने बड़े ही सूझबूझ के साथ अपने और परिवार की जान बचाई। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
किसान की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
आपको बता दें कि यह घटना झारखंड के रांचा जिले के सिल्ली प्रखंड के मरदु गांव की है। जहां सुबह करीब 5 बजे की है जब किसान पूरन चंद महतो ने अपने घर में एक बाघ को घुसते हुए देखा। उन्होंने बड़ी हिम्मत और सूझबूझ के साथ बाघ को घर के एक कमरे में बंद कर दिया। उस वक्त घर में उनकी दो आठ साल की बच्चियां भी मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने उन्हें भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
#WATCH रांची, झारखंड: पलामू टाइगर रिजर्व और वन विभाग, रांची की संयुक्त टीम ने सिल्ली ब्लॉक में एक घर से एक बाघ को बचाया। (25/06)
(सोर्स: IPRD) pic.twitter.com/teI1uYisXK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 25, 2025
रेस्क्यू टीम ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही पलामू टाइगर रिजर्व और रांची के भगवान बिरसा जैविक उद्यान से एक विशेष रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया। वन अधिकारी श्रीकांत वर्मा (DFO) ने बताया कि टीम ने सुरक्षित तरीके से बाघ को पिंजरे में बंद कर लिया। रेस्क्यू के दौरान प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बाघ वाले घर के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी। इस दौरान पांच या पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक, लाठी, डंडा या हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध इसके साथ ही लाउडस्पीकर या किसी भी तरह की आवाज़ करने वाले यंत्र के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई।
बाघ को भेजा गया बिरसा जैविक उद्यान
रेस्क्यू के बाद बाघ को रांची के भगवान बिरसा जैविक उद्यान ले जाया गया है, जहाँ अब उसे निगरानी में रखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बाघ को दोबारा जंगल में कब और कैसे छोड़ा जाएगा, इस पर फैसला बाद में लिया जाएगा। इस पूरी घटना के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई, जो किसान और प्रशासन की तत्परता का नतीजा है। फिलहाल गांव वाले राहत की सांस ले रहे हैं, लेकिन साथ ही वन्यजीवों के गांव तक पहुंचने पर चिंता भी जता रहे हैं।
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि जंगलों में सिकुड़ती जगह और भोजन की कमी के चलते जंगली जानवर इंसानी बस्तियों की ओर आने लगे हैं। जरूरत है कि मानव और वन्यजीव के बीच संतुलन बनाने के लिए जल्द से जल्द सुदृढ़ नीति और सतर्कता अपनाई जाए।

