नेशनल डेस्क: भारत द्वारा हाल ही में किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कुख्यात आतंकी मसूद अजहर के कई रिश्तेदार और करीबी मारे गए। अब खबर है कि पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार मसूद अजहर को 14 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का मुआवजा देने जा रही है। यह फैसला पाकिस्तान सरकार द्वारा भारत के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों और उनके परिवारों को समर्थन देने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
कौन था मसूद अजहर और क्या हुआ ऑपरेशन सिंदूर में?
मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन का प्रमुख है। 2019 में संयुक्त राष्ट्र ने उसे ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था। वह पुलवामा आतंकी हमले (2019) और भारतीय संसद पर हमले (2001) जैसे बड़े हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। हाल ही में भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देते हुए, 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इन हमलों में मसूद अजहर के 10 परिवार के सदस्य और 4 करीबी सहयोगी मारे गए। हमला जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य ट्रेनिंग सेंटर “मार्कज सुभान अल्लाह” पर हुआ, जो बहावलपुर के पास एक हाईवे किनारे 15 एकड़ में फैला है।
मुआवजे पर मचा बवाल
पाकिस्तान की सरकार अब मसूद अजहर को 14 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की तैयारी में है, जो ये दिखाता है कि वह आतंकियों को समर्थन दे रही है। भारत ने इसे अत्यंत निंदनीय करार दिया है।
आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा भारत
भारत ने साफ कहा है कि वह आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा और दोषियों को छोड़ेगा नहीं। भारत के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर सटीक, सोच-समझकर किया गया, और किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा। इस हमले के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की थी, लेकिन भारत ने उसके दर्जनों सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया।
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