नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के नेता शशि थरूर ने कोलंबिया सरकार की प्रतिक्रिया पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि कोलंबिया सरकार ने भारत में हुए आतंकवादी हमलों के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जताने के बजाय पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय हमलों के कारण हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया है। थरूर ने इसे गलत बताते हुए कहा कि आतंकवाद के अपराधियों और उनका विरोध करने वालों के बीच कोई समानता नहीं हो सकती।
कोलंबिया से स्थिति स्पष्ट करने पहुंचे थरूर
थरूर ने कहा, “हम कोलंबियाई सरकार से निराश हैं। पाकिस्तान में मौतों पर शोक व्यक्त करने के बजाय आतंकवादियों के पीड़ितों के प्रति संवेदना जतानी चाहिए थी। हमारा प्रतिनिधिमंडल यहां इस स्थिति को स्पष्ट करने और भारत के रुख को कोलंबिया के समक्ष रखने के लिए आया है। हम आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं और यदि इस बारे में कोई गलतफहमी है तो हम उसे दूर करने के लिए यहां हैं।”
पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी हमलों का जिक्र
थरूर ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उदाहरण देते हुए कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तान स्थित संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने बताया कि हमले के बाद इस संगठन ने अपने दावे को वापस लिया, लेकिन पहले इसको स्वीकार किया था।
भारत का आत्मरक्षा का अधिकार
थरूर ने कहा कि भारत को आत्मरक्षा का अधिकार है, जैसे कोलंबिया ने कई आतंकवादी हमलों का सामना किया है, वैसे ही भारत ने भी कई हमलों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद का समर्थन कर रहा है, और भारत इस पर जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखता है।
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य
थरूर ने बताया कि उनका प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की गलत सूचनाओं का मुकाबला करने और आतंकवाद पर भारत की शून्य सहिष्णुता नीति को स्पष्ट करने के लिए कोलंबिया आया है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेता
थरूर के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कोलंबिया यात्रा पर गया था, जिसमें लोक जनशक्ति पार्टी की शांभवी चौधरी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरफराज अहमद, तेलुगु देशम पार्टी के जीएम हरीश बालयोगी, भाजपा के तेजस्वी सूर्या और भुवनेश्वर कलिता, शिवसेना के मल्लिकार्जुन देवड़ा, और अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू सहित कई नेताओं ने भाग लिया। यह प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की गलत सूचनाओं का मुकाबला करने के साथ-साथ भारत के आतंकवाद पर शून्य सहिष्णुता के रुख को भी उजागर करने के लिए कोलंबिया भेजा गया था।
थरूर का संदेश
थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में बताया कि उनके कोलंबिया दौरे की शुरुआत भारत के राजदूत वनलालहुमा द्वारा ब्रीफिंग से हुई और इसके बाद उन्होंने स्थानीय मीडिया के साथ संवाद किया। थरूर ने कहा, “मेरा संदेश यही है कि हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह से दृढ़ हैं और पाकिस्तान को इस पर अपना रुख बदलना होगा।”