नई दिल्ली। अंतरिक्ष से सफल मिशन पूरा करने के बाद भारतीय अंतरिक्ष यात्री और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला गुरुवार को दिल्ली पहुँचे। यहाँ उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर उनके साथ इसरो (ISRO) के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन भी मौजूद थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शुभांशु शुक्ला ने कहा कि यह मिशन केवल उनका नहीं बल्कि पूरे देश का मिशन था। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में काम करना धरती पर किए गए काम से बिल्कुल अलग अनुभव है। उन्होंने सरकार, इसरो और सभी वैज्ञानिकों का धन्यवाद करते हुए कहा–“मैं गर्व महसूस करता हूँ कि मुझे देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।”
#WATCH दिल्ली | Axiom-4 मिशन पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा, “..भारत आज भी अंतरिक्ष से सारे जहां से अच्छा दिखता है। जय हिंद, जय भारत…” pic.twitter.com/DytTd9op4y
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 21, 2025
इसरो चीफ ने बताई भारत की उपलब्धियां
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इसरो अध्यक्ष डॉ. नारायणन ने भारत के अंतरिक्ष मिशनों की प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2015 से 2025 तक जितने मिशन पूरे हुए हैं, वे 2005 से 2015 तक हुए मिशनों से लगभग दोगुने हैं। पिछले छह महीनों में तीन बड़े मिशन सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं।इसमें एक्सिओम-4 मिशन भी शामिल है, जिसे भारत के लिए एक प्रतिष्ठित उपलब्धि माना जा रहा है। डॉ. नारायणन ने यह भी कहा कि पिछले 10 सालों में इसरो ने तेज़ और अभूतपूर्व प्रगति की है।
गगनयात्री प्रशांत नायर ने दिखाई भाईचारे की झलक
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक भावुक पल भी देखने को मिला। भारतीय गगनयात्री प्रशांत नायर ने शुभांशु शुक्ला को अपना भाई बताया। उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा– “शुभांशु मेरे लिए राम हैं और मैं उनका लक्ष्मण।” इस तरह दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस ने न सिर्फ भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को सामने रखा, बल्कि अंतरिक्ष यात्रियों के बीच के भाईचारे और टीम भावना की भी झलक दिखाई।

