Site icon Dainik Savera Times

Rahul Gandhi के चेहरे पर कालिख पोत देंगे… सावरकर जयंती पर उद्धव ठाकरे गुट के नेता ने दी धमकी

नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र के नासिक में शिवसेना यूबीटी के एक पदाधिकारी ने राहुल गांधी के खिलाफ विवादित बयान दिया है। पार्टी की शहरी इकाई के उपाध्यक्ष बाला दराडे ने कहा कि अगर राहुल गांधी नासिक आते हैं तो वे उनके चेहरे पर कालिख पोत देंगे, क्योंकि राहुल गांधी ने वीर सावरकर को “माफी वीर” कहकर अपमानित किया है। दराडे ने कहा कि अगर वे ऐसा नहीं कर सकते, तो राहुल गांधी के काफिले पर पत्थर फेंकेंगे। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

राहुल गांधी के बयान से हमें ठेस पहुंचा है… 

आपको बात दें कि बाला दराडे ने वीर सावरकर को लेकर राहुल गांधी के बयान को अपमानजनक करार दिया। उनका कहना था, “हम गर्व महसूस करते हैं कि हम वीर सावरकर की धरती पर रहते हैं और हमें किसी भी व्यक्ति को उनकी धरती पर अपमान करने की अनुमति नहीं देंगे। राहुल गांधी का यह बयान भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।”

दराडे के बयान पर भड़की कांग्रेस 

महाराष्ट्र कांग्रेस ने दराडे के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे कायराना धमकी बताया और कहा, “राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी और दादी इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपनी जान दी, और हम ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर दराडे का बयान उनकी निजी राय है, तो शिवसेना यूबीटी की पार्टी की आधिकारिक स्थिति से इसका कोई संबंध नहीं है।

शिवसेना यूबीटी की सफाई

शिवसेना यूबीटी की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने दराडे के बयान पर सफाई दी और कहा कि यह उनकी निजी राय है, और पार्टी का आधिकारिक स्टैंड इससे अलग है। यह बयान कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी के बीच तनाव का संकेत हो सकता है। शिवसेना यूबीटी ने वीर सावरकर को लेकर कड़ी बातें कहीं हैं, जबकि कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी के अन्य घटक, जैसे एनसीपी, सावरकर पर अलग राय रखते हैं। यह विवाद भविष्य में महाविकास अघाड़ी के सहयोगियों के बीच और तनाव का कारण बन सकता है, खासकर सावरकर पर टिप्पणी और उनकी विरासत को लेकर।

राजनीतिक बयानबाजी में वीर सावरकर की भूमिका और उनके प्रति सम्मान एक विवादित मुद्दा बन चुका है। जहां एक ओर शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस के बीच इस पर मतभेद हैं, वहीं दराडे जैसे बयान संघर्ष को और बढ़ा सकते हैं। अब यह देखना होगा कि यह विवाद महाविकास अघाड़ी के भविष्य पर किस तरह का असर डालता है।

Exit mobile version