
Sonam Wangchuk Arrested: लद्दाख में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उस घटना के अगले दिन हुई, जब लेह में बंद और विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। इस झड़प में चार लोगों की मौत हो गई थी।
इंटरनेट सेवा बंद
वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने लेह में इंटरनेट सेवा बंद कर दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस टीम उन्हें उनके घर से ले जा रही है।
सोनम वांगचुक के NGO का FCRA रद्द
गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक के NGO का FCRA रद्द कर दिया है। इसका मतलब है कि अब उनका NGO विदेश से कोई फंडिंग या योगदान नहीं ले सकता। जांच में NGO में वित्तीय गड़बड़ी के सबूत मिले थे। इसी कारण फॉरेन कंट्रीब्यूशन पर रोक लगाई गई। 20 अगस्त को NGO को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं था। सोनम वांगचुक पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी लगे हैं।
गृह मंत्रालय की टीम ने ली हालात की समीक्षा
गृह मंत्रालय की टीम ने लेह शहर में हालात का जायजा लिया। यह तीसरे दिन था जब कर्फ्यू लागू था। अधिकारियों ने बताया कि कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। लेह में हुई हिंसा राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर हुई बंदी के दौरान भड़की थी। हिंसा में चार लोग मारे गए और 90 घायल हुए।
प्रतिबंधों में ढील की संभावना
पुलिस अधिकारी ने कहा कि लद्दाख में सुरक्षा स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रही। भविष्य में लोगों को जरूरी वस्तुएं खरीदने की अनुमति देने के लिए प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है। झड़पों के बाद 50 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए। करगिल और अन्य शहरों में एक साथ पांच या अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक लगी हुई है। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बल की गश्त की जा रही है। कई लोगों ने शिकायत की कि उनके पास राशन, दूध और सब्जियों जैसी जरूरी चीजों की कमी हो रही है।
सभी शैक्षणिक संस्थान दो दिन बंद
लेह के ज़िला मजिस्ट्रेट रोमिल सिंह डोंक ने आदेश दिया है कि सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान दो दिनों के लिए बंद रहेंगे। आंगनवाड़ी केंद्र भी इस दौरान बंद रहेंगे। गृह मंत्रालय की टीम ने सुरक्षा की समीक्षा के लिए लेह में उप-राज्यपाल, नागरिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कई बैठकें की। एलएबी (लेह एपेक्स बॉडी) के प्रतिनिधियों से भी चर्चा हुई।