
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित राजभाषा विभाग के स्वर्ण जयंती समारोह में कहा कि भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह राष्ट्र की आत्मा होती हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषाओं को जीवित रखना और उन्हें समृद्ध बनाना चाहिए, ताकि भारतीय भाषाओं का भविष्य उज्जवल हो सके। शाह ने कहा कि जब हम अपनी मातृभाषा में गर्व से बात करेंगे, तभी गुलामी की मानसिकता से मुक्ति मिलेगी।
भाषाओं के महत्व पर जोर
अमित शाह ने कहा, “देश के संदर्भ में, भाषा सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं है, यह राष्ट्र की आत्मा है। हम सभी भारतीय भाषाओं, खासकर राजभाषा हिंदी, के प्रति समर्पण और प्रयासों के साथ इन भाषाओं को संरक्षित और समृद्ध करना चाहते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की मित्र है, और यह देश के स्वाभिमान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैशाह ने कहा, “हिंदी कभी भी किसी भारतीय भाषा की दुश्मन नहीं हो सकती। हिंदी और अन्य भारतीय भाषाएं मिलकर हमारे स्वाभिमान को बढ़ा सकती हैं।”
#WATCH | Delhi: Union Home Minister Amit Shah says, “There is no opposition to any language; there should not be opposition to any foreign language, but the insistence should be to glorify our language, there should be an insistence to speak our language, and there should be an… pic.twitter.com/MyVtNT7phx
— ANI (@ANI) June 26, 2025
गुलामी की मानसिकता से मुक्ति
अमित शाह ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “जब तक हम अपनी मातृभाषा में गर्व से बात नहीं करेंगे और अपनी भाषा में नहीं सोचेंगे, तब तक हम गुलामी की मानसिकता से मुक्ति नहीं पा सकते।”
भारतीय भाषाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं की पहल
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं को भारतीय भाषाओं में भी आयोजित करना शुरू किया है। उन्होंने बताया, “आजकल जेईई, नीट, और सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं अब 13 भारतीय भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं। पहले, सीएपीएफ की कांस्टेबल भर्ती के लिए केवल अंग्रेजी या हिंदी में आवेदन किया जा सकता था, लेकिन अब यह लचीला बन चुका है और 13 भाषाओं में परीक्षा दी जा सकती है।” उन्होंने यह भी साझा किया कि 95% उम्मीदवार अब अपनी मातृभाषा में कांस्टेबल परीक्षा दे रहे हैं, जो भारतीय भाषाओं के उज्जवल भविष्य का संकेत है।
#WATCH | Delhi: Union Home Minister Amit Shah says, “JEE, NEET, CUET, are now being taken in 13 languages. Earlier, you could only apply for the constable recruitment of CAPF in English or Hindi. We made it flexible and allowed the exam in 13 languages and today I am happy to… pic.twitter.com/z4AHXCgwDx
— ANI (@ANI) June 26, 2025
भाषाओं के गौरव को बढ़ावा देना चाहिए
अमित शाह के इस बयान से यह स्पष्ट है कि वह भारतीय भाषाओं के संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका मानना है कि किसी भी भाषा का विरोध नहीं होना चाहिए, लेकिन हमें अपनी भाषाओं के गौरव को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने भारतीयों से अपनी भाषा को अपनाने और अपने गौरव को पहचानने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद थीं।