नेशनल डेस्क : अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध के कारण भारतीय बाजार में आई गिरावट के बाद, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने शुरुआती कारोबार में जबरदस्त उछाल दर्ज किया। इससे महज 10 सेकेंड में निवेशकों की 8.47 लाख करोड़ रुपये की कमाई हो गई। आइए जानते है इस पूरी खबर को विस्तार से…
BSE सेंसेक्स और Nifty 50 में जबरदस्त उछाल
सोमवार को भारतीय बाजार में भारी गिरावट आई थी, जिसके बाद मंगलवार को बाजार ने जोरदार वापसी की।
- BSE सेंसेक्स 1,189 अंक या 1.63% की बढ़त के साथ 74,327.37 पर कारोबार कर रहा था।
- Nifty 50 371 अंक या 1.67% की बढ़त के साथ 22,532.30 पर था।
इसका मतलब है कि निवेशकों को एक दिन में ही भारी मुनाफा हुआ, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना।
हर सेक्टर में तेजी…
सभी सेक्टर इंडेक्स में चौतरफा खरीदारी देखी गई, और सभी प्रमुख सेक्टर ग्रीन जोन में थे, सिर्फ टीसीएस के शेयर लाल निशान पर थे। इसके अलावा, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, और टाइटन के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी आई, जिससे बाजार की रिकवरी और मजबूत हुई।
निवेशकों को 8.47 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा
दरअसल, सोमवार को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया था, लेकिन मंगलवार को बाजार में आई तेजी से बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 8.47 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। सोमवार को मार्केट कैप 3,89,25,660.75 करोड़ रुपये था, जो मंगलवार को बढ़कर 3,97,73,006.86 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि निवेशकों को 8.47 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ, जो एक अहम रिकवरी है।
ट्रंप के टैरिफ का असर
बता दें कि सोमवार को भारतीय बाजार में गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा को जिम्मेदार ठहराया गया। यह कदम वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल का कारण बना है। व्यापार युद्ध के कारण चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से बाजार में अनिश्चितता और अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों का दृष्टिकोण
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी के विजयकुमार ने इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता कुछ समय के लिए बनी रहेगी। उनका मानना है कि व्यापार युद्ध केवल चीन और अमेरिका तक ही सीमित रहेगा, और अन्य देशों जैसे यूरोपीय यूनियन और जापान ने बातचीत के जरिए समाधान खोजने का रास्ता अपनाया है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में महंगाई का खतरा बढ़ रहा है और चीन की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। अगर ट्रंप की धमकी के तहत चीन पर 50% टैरिफ लगाया जाता है, तो इसका असर अमेरिका के चीनी निर्यात पर पड़ेगा और चीन अपने उत्पादों को दूसरे देशों में भेजने की कोशिश करेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय मेटल की कीमतें घट सकती हैं।
हालांकि भारतीय बाजार में वैश्विक घटनाओं का असर पड़ा, लेकिन मंगलवार को जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को भारी मुनाफा हुआ। आने वाले समय में व्यापार युद्ध और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

