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Video : स्कूटी से जा रही थी महिला टीचर, छात्रों ने जानबूझकर मारी टक्कर… CCTV में कैद हुई घटना

नेशनल डेस्क : हरियाणा के सोनीपत में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन छात्रों ने स्कूटी से जा रही महिला टीचर को अपनी कार से टक्कर मार दी और मदद करने की बजाय मौके से फरार हो गए। यह पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। इस हादसे की शुरुआत तब हुई जब दो छात्र एक स्कूटी पर आते हैं और सड़क किनारे खड़ी एक सफेद बलेनो कार में सवार हो जाते हैं, जिसमें पहले से एक छात्र मौजूद होता है। कुछ सेकंड बाद जब छात्र कार स्टार्ट करता है और उसे दाईं ओर मोड़ता है, तभी पीछे से आ रही स्कूटी सवार महिला टीचर संगीता को सीधी टक्कर मार देता है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि संगीता उछलकर सड़क पर गिर जाती हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

हादसे के बाद भाग निकले छात्र…

आपको बता दें कि टक्कर मारने के तुरंत बाद कार में बैठे एक छात्र ने उतरने की कोशिश की, लेकिन चालक ने कार को पीछे किया और तेजी से वहां से भाग निकला। महिला टीचर सड़क पर गिर पड़ीं। शुरुआत में लोग बिना रुके गुजरते रहे, लेकिन कुछ देर बाद कुछ राहगीरों ने उन्हें उठाया और किनारे किया। वहीं इस हादसे में महिला टीचर के पैर और कोहनी में गंभीर चोटें आई हैं। वह टीकाराम गर्ल्स स्कूल में अध्यापिका हैं और रोजाना स्कूटी से स्कूल जाती हैं।

पति ने खुद जुटाए सबूत

इस घटना के बाद महिला टीचर के पति अरुण मलिक ने बताया कि हादसा 3 जुलाई को हुआ था और उन्होंने 4 जुलाई को सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी थी। लेकिन तीन दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की लापरवाही से नाराज होकर उन्होंने खुद CCTV फुटेज इकट्ठे किए और सबूतों के साथ पुलिस को सौंपे।

फर्जी नंबर प्लेट का भी खुलासा

अरुण मलिक का आरोप है कि जिस कार से टक्कर मारी गई, उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। कार पर जो नंबर (HR10AH-6078) लिखा था, वह एक बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर है। जबकि असली कार का नंबर (HR10AH-6079) होना चाहिए था। यानी नंबर बदलकर छात्रों ने गाड़ी चलाई, जिससे हादसे के बाद उन्हें पहचानना मुश्किल हो।

 पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

अरुण मलिक का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने तीन दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन जैसे ही मामला मीडिया में पहुंचा, पुलिस ने उन्हें थाने बुलाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और गाड़ी चलाने वाले छात्रों की पहचान की जा रही है। यह घटना न सिर्फ एक हादसे की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि छात्रों में कैसे ट्रैफिक नियमों की अनदेखी बढ़ रही है और संवेदनशीलता की कमी किस हद तक पहुँच चुकी है। वहीं, पुलिस की लापरवाही ने एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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