नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के पूर्व प्रमुख सफदर नागोरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। सफदर नागोरी ने यह याचिका राजद्रोह (देशद्रोह) कानून को लेकर दायर की है।
नागोरी ने कोर्ट से यह जानना चाहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए (राजद्रोह) के इस्तेमाल पर पहले ही रोक लगा रखी है, तो फिर इस आधार पर उनकी अपील पर फैसला क्यों नहीं हो रहा। उनकी अपील मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में लंबित है।
वकील ने कोर्ट के सामने रखीं ये दलीलें
उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि नागोरी को आतंकवाद और राजद्रोह जैसे कई गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया गया था और उन्होंने उन मामलों में सजा भी पूरी कर ली है। लेकिन राजद्रोह के मामले में उनकी अपील पर सुनवाई नहीं हो पा रही है क्योंकि उस कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्थगन (स्टे) दे रखा है।
जुलाई के दूसरे हफ्ते में होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई जुलाई के दूसरे हफ्ते में की जाएगी। कोर्ट ने यह भी माना कि हाई कोर्ट में राजद्रोह से जुड़ी दलीलें पूरी हो चुकी हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश की वजह से फैसला नहीं हो पा रहा।
जानें पूरा मामला
बता दें कि 2017 में, मध्य प्रदेश की एक जिला अदालत ने सफदर नागोरी और 11 अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा दी थी। उन पर आरोप था कि वे हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक रखने के साथ-साथ देशविरोधी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे। ये सभी लोग मार्च 2008 में मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) द्वारा पकड़े गए थे। अब सफदर नागोरी इस बात को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं कि जब देशद्रोह कानून पर रोक है, तो उनकी अपील पर फैसला क्यों नहीं हो रहा। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।

