नेशनल डेस्क: दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए दिल्ली-एनसीआर में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। हालांकि, अदालत ने पटाखा निर्माताओं को शर्तों के साथ ग्रीन पटाखों के निर्माण की अनुमति दी है।
दिल्ली-NCR में बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी, चाहे वह ग्रीन पटाखे ही क्यों न हों। ग्रीन पटाखों का निर्माण केवल वही कंपनियां कर सकती हैं जिन्हें NEERI (नीरी) और PESO (पेसो) जैसी अधिकृत संस्थाओं से प्रमाणपत्र मिला हो। पटाखा निर्माताओं को लिखित रूप से यह वचन देना होगा कि वे दिल्ली-NCR में कोई पटाखा नहीं बेचेंगे। यह रोक अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी, जिसमें कोर्ट तय करेगा कि भविष्य में क्या कदम उठाए जाएं।
मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पूरे देश में पटाखों की बिक्री और निर्माण पर रोक नहीं लगा सकता, क्योंकि केंद्र सरकार ने इस पर कोई राष्ट्रीय नीति या प्रतिबंध लागू नहीं किया है।
नवंबर 2024 में दिल्ली का AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 494 तक पहुंच गया था, जो कि गंभीर’ श्रेणी से भी ऊपर है। दिवाली जैसे त्योहारों पर पटाखों से प्रदूषण का स्तर और भी खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।
ग्रीन पटाखे पारंपरिक पटाखों के मुकाबले कम धुएं और प्रदूषण वाले होते हैं। इनमें खतरनाक रसायनों की मात्रा काफी कम होती है और ये अपेक्षाकृत कम आवाज करते हैं। इन्हें CSIR-NEERI द्वारा विकसित किया गया है।
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