नई दिल्ली। नेपाल में राजनीतिक संकट के बीच देश की कमान अब सुशीला कार्की के हाथों में आ गई है। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में शपथ लेकर नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का इतिहास रच दिया है। उन्हें राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में शपथ दिलाई। वहीं, नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रहीं सुशीला कार्की नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बन गई हैं।
#WATCH | Kathmandu | Nepal’s former Chief Justice, Sushila Karki, takes oath as interim PM of Nepal
Oath administered by President Ramchandra Paudel
Video source: Nepal Television/YouTube pic.twitter.com/IvwmvQ1tXW
— ANI (@ANI) September 12, 2025
सोशल मीडिया बैन से भड़की युवा पीढ़ी
नेपाल सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया पर पाबंदी लगा दी थी। इस फैसले से देश की युवा पीढ़ी खासकर जेन-ज़ेड (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोग) बेहद नाराज हो गए। युवाओं ने इस फैसले को तानाशाही की शुरुआत बताया। नाराज होकर वे सड़कों पर उतर आए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संसद भवन पर हमला किया गया, तोड़फोड़ और आगजनी हुई।
ओली सरकार को देना पड़ा इस्तीफा
विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ते देख प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। सरकार ने मजबूरी में सोशल मीडिया पर लगा प्रतिबंध हटाया। लेकिन तब तक हालात बहुत बिगड़ चुके थे।
राजनीतिक संकट पर नेताओं की अपील
नेपाल की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष देवराज घिमिरे और राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष नारायण दाहाल ने अपील की कि मौजूदा संकट को संविधान के दायरे में रहकर सुलझाया जाए। इसी दौरान राष्ट्रपति भवन में हुई एक अहम बैठक में तय किया गया कि सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया जाए।
हिंसक प्रदर्शनों में कम से कम 51 लोगों की मौत हुई
इन प्रदर्शनों के दौरान हालात बेकाबू हो गए। हिंसक प्रदर्शनों में कम से कम 51 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। गुस्साई भीड़ ने यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री ओली की पत्नी को भी जिंदा जला दिया।

