कटड़ा/जम्मू Vaishno Devi landslide : जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में माता वैष्णो देवी धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी बारिश की वजह से बीते दिन भूस्खलन हुआ था, इसकी वजह से हालात बेहद खराब हैं। इस बीच जम्मू-कटरा हाईवे बंद हो गया है, कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। सेना और प्रशासन राहत-बचाव कार्य में जुटे हैं।
जम्मू और कश्मीर में कटड़ा के पास वैष्णो देवी मंदिर के पास भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ हैं। इस हादसे में कम से कम 34 लोगों की जान चली गई। यह दुखद घटना मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे हुई। भूस्खलन मंदिर के रास्ते में अर्धकुवारी के पास इंद्रपास्थ भोजनालय के नजदीक हुआ। बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और अभी भी लोगों को बचाने का काम कर रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण जम्मू में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिससे रात में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। एएसपी रियासी परमवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि भूस्खलन में 34 लोगों की मौत हो गई है।
श्रइन बोर्ड, पुलिस, सीआरपीएफ और एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। घायलों को कटड़ा और नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव अभियान और खराब मौसम के चलते यात्र को अगले आदेश तक रोक दिया गया है। भारी बारिश के कारण कई ट्रेनों को रद्द या आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है।
जम्मू में बारिश ने तोड़ा 115 साल पुराना रिकॉर्ड
जम्मू में बारिश ने 115 साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया है। 1910 के बाद मंगलवार से बुधवार सुबह तक 24 घंटे में 380 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले 25 सितंबर 1988 को दर्ज की गई 270.4 मिमी बारिश हुई थी, जो एक रेकॉर्ड था। 1996 में हुई भारी बारिश में यह रेकॉर्ड नहीं टूटा। तब 218.4 मिमी बारिश का रिकॉर्ड किया गया था। जम्मू के कई हिस्से मूसलाधार बारिश से तबाह हो गए हैं। राहत बचाव कार्यों के लिए भारतीय सेना को तैनात करना पड़ा है। जम्मू में हुई बारिश के कारण पड़ोसी राज्य पंजाब के कुछ हिस्सों में भी बाढ़ आ गई।
माता वैष्णो देवी हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को मिलेगा 9 लाख का मुआवजा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कल दोपहर बादल फटने के कारण यात्र बंद कर दी गई थी, लेकिन अर्धकुवारी के पास बादल फटने के कारण कई लोग पानी के बहाव में बह गए। कई अनमोल जानें चली गईं और कई घायल हुए। मैंने घायलों से मुलाकात की है, उनकी हालत स्थिर है और उन्हें उचित उपचार दिया जा रहा है। कई मृतकों की पहचान हो गई है और उनके शव को घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है। मृत्यु के लिए कोई मुआवजा नहीं है, लेकिन श्रइन बोर्ड की नीति के अनुसार 5 लाख रु पये दिए जाते हैं, आपदा प्रबंधन भी मृतकों के परजिनों को 4 लाख रु पये देगा। मैंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से बात की है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता से लगा हुआ है।
वैष्णो देवी हादसे पर बोले उमर अब्दुल्ला, हमें मौसम के बारे में पता नहीं था
कटड़ा में हुए भूस्खलन पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, अगर हमें मौसम के बारे में पहले से पता होता, तो क्या हम उन निदरेष लोगों की जान बचाने के लिए कुछ नहीं कर सकते थे? वे ट्रैक पर क्यों थे? उन्हें सुरक्षित जगह पर क्यों नहीं पहुंचाया गया? हमें दुख है कि कटड़ा में लगभग 29-30 लोगों की जान चली गई… हमें नदियों के किनारे अवैध रूप से रह रहे लोगों के लिए कदम उठाने होंगे। उन्हें किसी नई जगह पर ले जाना होगा।

