नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘सेमीकॉन इंडिया-2025’ सम्मेलन के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया कि दुनिया अब भारत पर भरोसा करती है और भारत के साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने के लिए तैयार है।
सम्मेलन में 40-50 देशों के विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों और भारत की युवा शक्ति सहित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी प्रभावशाली बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज मैं इस विश्वास के साथ यहां आया हूं कि दुनिया भारत पर भरोसा करती है, दुनिया भारत में विश्वास करती है और दुनिया भारत के साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने के लिए तैयार है।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत में एक समय वह दिन आएगा जब “भारत में डिज़ाइन, भारत में निर्मित, दुनिया का भरोसा” होगा।
भारत ने जीडीपी में 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के दौरान भारत की आर्थिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने हाल ही में जारी 2025-26 की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। मोदी ने कहा, “जब दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं ‘आर्थिक स्वार्थ’ से उपजी चुनौतियों का सामना कर रही थीं, तब भी भारत ने हर उम्मीद और अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है। यह वृद्धि सभी क्षेत्रों में देखने को मिली है।”
#WATCH | At Semicon India 2025, Prime Minister Narendra Modi says, “Just a few days ago, the GDP numbers for the first quarter of this year have come. Once again, India has performed better than every expectation, every assessment. At a time when there are concerns in the economy… pic.twitter.com/MbDg4UkCOd
— ANI (@ANI) September 2, 2025
सेमीकंडक्टर: 21वीं सदी की “डिजिटल हीरा”
प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “सेमीकंडक्टर को डिजिटल हीरे के रूप में जाना जाता है। पिछली सदी तेल से बनी थी, लेकिन 21वीं सदी की ताकत एक छोटी सी चिप तक सीमित है। इस चिप में दुनिया के विकास को गति देने की ताकत है।”
उन्होंने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से हो रही प्रगति का उल्लेख किया और कहा, “भारत अब बैकएंड से आगे बढ़कर एक पूर्ण-स्टैक सेमीकंडक्टर राष्ट्र बनने की दिशा में काम कर रहा है। वह दिन दूर नहीं जब भारत की सबसे छोटी चिप दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव लाएगी। हमारी यात्रा देर से शुरू हुई, लेकिन अब हमें कोई नहीं रोक सकता।”
#WATCH | At Semicon India 2025, Prime Minister Narendra Modi says, “In the year 2021, we started the Semicon India program. By the year 2023, India’s first semiconductor plant was approved. In 2024, we approved additional plants. In 2025, we cleared five additional projects.… pic.twitter.com/WtfNNFy3aw
— ANI (@ANI) September 2, 2025
भारत में सेमीकंडक्टर परियोजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत में हो रही प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2023 तक भारत का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट स्वीकृत हो चुका है। 2024 में अतिरिक्त प्लांट्स को मंजूरी दी गई और 2025 में पाँच अतिरिक्त परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं में 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस उद्योग में गति बहुत महत्वपूर्ण है और “कागजी कार्रवाई जितनी कम होगी, वेफर का काम उतना ही अधिक होगा।”
प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि भारत से इस साल से व्यावसायिक चिप्स का उत्पादन शुरू होगा। इस अवसर पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की पहली मेड-इन-इंडिया चिप भेंट की। इसमें विक्रम 32-बिट प्रोसेसर और चार स्वीकृत परियोजनाओं के परीक्षण चिप्स शामिल थे।
#WATCH | At Semicon India 2025, Prime Minister Narendra Modi says, “In the year 2021, we started the Semicon India program. By the year 2023, India’s first semiconductor plant was approved. In 2024, we approved additional plants. In 2025, we cleared five additional projects.… pic.twitter.com/WtfNNFy3aw
— ANI (@ANI) September 2, 2025
सेमीकॉन इंडिया-2025 सम्मेलन के उद्देश्य
‘सेमीकॉन इंडिया-2025’ सम्मेलन का उद्देश्य भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को गति प्रदान करना और एक मजबूत, लचीले और टिकाऊ सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। इस सम्मेलन में सेमीकंडक्टर फैब, उन्नत पैकेजिंग परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे की तैयारी, स्मार्ट विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता में नवाचार, निवेश के अवसर, राज्य-स्तरीय नीति कार्यान्वयन और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन में 20,750 से अधिक प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है, जिनमें 48 देशों के 2,500 से अधिक प्रतिनिधि, 50 वैश्विक नेताओं सहित 150 से अधिक वक्ता और 350 से अधिक प्रदर्शक शामिल होंगे। इसमें छह देशों की गोलमेज चर्चाएँ, देश मंडप, कार्यबल विकास और स्टार्ट-अप के लिए समर्पित मंडप आदि भी शामिल होंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर उद्योग में एक महत्वपूर्ण और अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित करना है।

