नई दिल्ली: पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हाल ही में 55 मिनट लंबी मुलाकात की। इस बातचीत के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कई अहम बातें कहीं। बृजभूषण ने सीएम योगी से अपनी मुलाकात को एक भावनात्मक और पारिवारिक बातचीत बताया। उन्होंने कहा, “मैं और योगी जी दोनों खड़ा नमक हैं। वह मुझसे बड़े हैं, इसलिए झुकना उन्हें ही पड़ेगा।”
उन्होंने संत कबीर का एक दोहा भी सुनाया, “कबिरा खड़ा बाजार में, सबकी मांगे खैर…”। उन्होंने बताया कि इस मुलाकात में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई, बल्कि दोनों के बीच जो पहले कुछ गिले-शिकवे थे, उस पर बातचीत हुई और आपसी समझ बढ़ी। बृजभूषण बोले, “दिल मिल जाए तो वक्त का पता नहीं चलता।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके बेटे प्रतीक भूषण सिंह को मंत्री बनाया जाएगा, तो बृजभूषण ने कहा कि अभी उनका बेटा उतना तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, “वो अभी सीरियस नहीं है मंत्री बनने को लेकर, लेकिन अगर मेहनत करेगा तो आगे जरूर बनेगा। राजनीति में मेहनत, लगन और जनता से जुड़ाव सबसे जरूरी होता है।”
बृजभूषण ने साफ कहा कि मंत्री बनना उनके लिए कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। उनका कहना है, “मैंने कई लोगों को मंत्री और राज्य मंत्री बनवाया है। आज कई ऐसे लोग मंत्री हैं जिन्हें जनता पसंद नहीं करती। अगर उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ाया जाए तो 5 वोट भी न मिलें। लेकिन वो मंत्री बन गए। सबकी अपनी किस्मत होती है।”
बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि यह मुलाकात 31 महीने बाद हुई। जनवरी 2023 के बाद से जब उन पर आरोप लगे थे, तब से वह योगी से नहीं मिले थे। उन्होंने बताया कि उस समय सीएम योगी का एक कार्यक्रम रद्द हुआ था और तभी से उन्होंने तय कर लिया था कि जब तक योगी खुद नहीं बुलाएंगे, वे नहीं मिलेंगे।
उन्होंने कहा, अब जब सीएम योगी का बुलावा आया, तो वे मिलने चले गए। उन्होंने यह भी कहा कि योगी से उनके पुराने और मजबूत संबंध हैं, और यह मुलाकात सिर्फ पारिवारिक थी, इसमें कोई राजनीति नहीं थी। “यह परिवार के दो सदस्यों की मुलाकात थी, जिसमें आपसी दुख-दर्द बांटे गए।”
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