
नई दिल्ली: 14 अगस्त को देशभर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के विभाजन के समय पीड़ा और संकट झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस दिन को भारतीय इतिहास का एक “दुखद अध्याय” बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मना रहा है। यह दिन उन अनगिनत लोगों को याद करने का दिन है, जिन्होंने विभाजन के दौरान बड़ी तकलीफें झेली थीं। यह उनके साहस और नए सिरे से जीवन शुरू करने की उनकी शक्ति को सम्मान देने का दिन भी है।”
India observes #PartitionHorrorsRemembranceDay, remembering the upheaval and pain endured by countless people during that tragic chapter of our history. It is also a day to honour their grit…their ability to face unimaginable loss and still find the strength to start afresh.…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 14, 2025
उन्होंने सभी नागरिकों से देश में एकता और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। मोदी ने कहा कि जो लोग विभाजन से प्रभावित हुए, उन्होंने कड़ी मेहनत से अपना जीवन फिर से खड़ा किया और कई लोगों ने बड़ी-बड़ी उपलब्धियां भी हासिल कीं। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।
इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने देश के विभाजन के समय विस्थापन और हिंसा की पीड़ा झेली। उन्होंने कहा कि हमें देशविरोधी ताकतों का डटकर मुकाबला करना चाहिए और देश की एकता के लिए एकजुट रहना चाहिए।
भारत 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से आज़ाद हुआ। परंतु इस स्वतंत्रता के साथ ही देश का विभाजन भी हुआ, जिससे बहुत बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। यह इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक थी। करीब 2 करोड़ लोग इस विभाजन से प्रभावित हुए। लाखों परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा और उन्हें शरणार्थी के रूप में नए स्थानों पर बसना पड़ा। हिंसा और दंगे में लाखों लोगों की जानें गईं।
आजादी के जश्न के साथ-साथ देश हर साल 14 अगस्त को उन लोगों को याद करता है जिन्होंने इस विभाजन की भयंकर पीड़ा सही, अपने प्रियजनों को खोया, लेकिन फिर भी हिम्मत नहीं हारी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह दिन मनाने की परंपरा 2021 से शुरू की गई है, ताकि भावी पीढ़ियों को यह त्रासदी याद रहे और एकता व भाईचारे का संदेश मजबूत हो।
मेष: दिन शुभ रहेगा...