नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर लोकसभा के उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की मांग की है। खड़गे ने अपने पत्र में कहा कि यह पहली बार है जब लगातार दो लोकसभा कार्यकालों में उपाध्यक्ष का पद खाली रहा है। 17वीं लोकसभा में कोई उपाध्यक्ष नहीं चुना गया था, और अब 18वीं लोकसभा में भी यह स्थिति बनी हुई है।
अनुच्छेद 93 का जिक्र किया
उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बताया और कहा कि यह संविधान के नियमों का उल्लंघन है। खरगे ने संविधान के अनुच्छेद 93 का जिक्र किया, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों के चुनाव की बात कही गई है। खरगे ने लिखा, “उपाध्यक्ष का पद लोकसभा में अध्यक्ष के बाद सबसे अहम होता है। ऐसे में इसका खाली रहना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। मैं आपसे अपील करता हूं कि उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया बिना देर किए शुरू की जाए।”
सरकार पर तीखा हमला
खरगे ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी की सरकार पर भी जोरदार हमला बोला था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा कि पिछले 11 वर्षों में भाजपा सरकार ने लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया और उनकी स्वायत्तता को खत्म करने की कोशिश की।
चुनी गई सरकारों को गिराया
खरगे ने कहा कि सरकार ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को गिराया, राज्यों के अधिकारों की अनदेखी की और एक पार्टी की तानाशाही थोपी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश में डर, नफरत और धमकी का माहौल बना है। खरगे ने मणिपुर की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्ग सबसे ज़्यादा पीड़ित हुए हैं।
मोदी सरकार की योजनाओं पर भी सवाल
खरगे ने सरकार की प्रमुख योजनाओं, जैसे मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, नमामि गंगे और 100 स्मार्ट सिटी को असफल बताया। अंत में खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले 11 साल संविधान के हर पन्ने पर तानाशाही की स्याही पोतने में बर्बाद कर दिए हैं।

