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‘दुनिया को आज ‘युद्ध’ नहीं, ‘बुद्ध’ की जरूरत’, बुद्ध पूर्णिमा पर बोले मल्लिकार्जुन खरगे

नेशनल डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध की शिक्षाओं की आज के समय में प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस समय जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध हो रहे हैं, तब हमें बुद्ध की करुणा और शांति के मार्ग की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। खरगे ने कहा, “आज दुनिया को ‘युद्ध’ की नहीं, ‘बुद्ध’ की जरूरत है। चाहे यूक्रेन-रूस युद्ध हो या सीरिया की स्थिति- हर तरफ हिंसा है। हमें भगवान बुद्ध की अहिंसा, करुणा और शांति की सीख अपनाने की जरूरत है।”

पाकिस्तान पर भी साधा निशाना
खरगे ने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और भारत में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खरगे ने कहा, “अगर ज़रूरत पड़ी, तो हम एकजुट होकर इसका जवाब देंगे।”

बुद्ध की शिक्षाओं का महत्व
खरगे ने भगवान बुद्ध को “शाश्वत जीवन और गहन विचारों” वाला महान व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि बुद्ध के सत्य, करुणा, अहिंसा और समानता के सिद्धांत हर युग में लोगों का मार्गदर्शन करते आए हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज भी मानवता को प्रेरित करती हैं। उनकी सोच ने हमारे समाज और सभ्यता को आकार दिया है।”

क्या है बुद्ध पूर्णिमा?
बुद्ध पूर्णिमा को ‘वेसाक’ भी कहा जाता है। यह दिन भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और निधन (महापरिनिर्वाण) की याद में मनाया जाता है। यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है।

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