नई दिल्ली: दिल्ली के पूसा में केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा “कर्मचारी संकल्प सम्मेलन” आयोजित हुआ, जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए उद्बोधन को लेकर कर्मचारियों ने संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को राष्ट्रीय निर्माण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अपने योगदान के लिए प्रेरित करना था। शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर कहा कि हर एक दिन, हर एक क्षण महत्वपूर्ण है, और हमें जनता की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।

कृषि और ग्रामीण विकास की भूमिका
शिवराज सिंह ने कृषि विभाग, आईसीएआर (Indian Council of Agricultural Research) और ग्रामीण विकास मंत्रालय की देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि आज देश में अन्न का भंडार भरा हुआ है और चुनौतियों का सामना करते हुए हम दृढ़ निश्चय से आगे बढ़ेंगे।
किसानों और ग्रामीणों के लिए योजनाएं
उन्होंने कहा कि मंत्रालय किसानों और राज्य सरकारों के साथ मिलकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहे हैं। लखपति दीदियों की सफलता, ग्रामीण सड़कें और आवास योजनाओं ने गांवों में सकारात्मक बदलाव लाया है।

नकली खाद-बीज और कीटनाशकों पर कार्रवाई
शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा कि अब किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशकों से लुटने नहीं दिया जाएगा। ऐसे बेइमानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहे अनुसार “सरकार फाइल में नहीं, जनता की जिंदगी में दिखनी चाहिए,” यह संदेश भी सम्मेलन में प्रमुख रूप से दिया गया।
स्वदेशी अपनाओ” का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी के “स्वदेशी अपनाओ” आह्वान पर सभी कर्मचारियों ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संकल्प लिया। शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए लक्ष्य को वे सभी मिलकर पूरा करेंगे और देश की प्रगति में अपना योगदान देंगे। इस सम्मेलन में कर्मचारियों ने एकजुट होकर राष्ट्र और किसानों के हित में काम करने का संकल्प लिया।
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