नेशनल डेस्क : उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बुधवार सुबह तेज बारिश के बीच एक कार अनियंत्रित होकर सिंचाई विभाग की नहर में गिर गई, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई। कार में कुल 7 लोग सवार थे। यह घटना कोतवाली क्षेत्र स्थित फायर ब्रिगेड ऑफिस के पीछे की है।आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
चार की मौके पर मौत
आपको बता दें कि कार में कुल सात लोग सवार थे। जैसे ही कार नहर में गिरी, उसका तेज बहाव में बह जाना शुरू हो गया। थोड़ी दूर जाकर वह एक पुलिया में फंस गई, लेकिन तब तक कार में पानी भर चुका था। चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है। तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।ठ
मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम
जैसे ही घटना की जानकारी मिली, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और कार को बाहर निकाला गया। कार के शीशे तोड़े गए, लेकिन तब तक उसमें सवार चार लोगों की सांसें थम चुकी थीं। ये दृश्य बेहद भावुक करने वाले थे।
SP सिटी और नगर प्रशासन की जानकारी
SP सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि हादसा तेज बारिश और बहाव की वजह से हुआ। कार नहर में गिरने के बाद बहती चली गई, जिससे इसमें सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने यह भी बताया कि घटना की पूरी जांच की जा रही है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। इधर, नगर आयुक्त ऋचा सिंह ने बताया कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं। शहर के कई हिस्सों में नाले उफान पर हैं, लेकिन निगम की टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। समय पर नालों की सफाई हो जाने से जलभराव की स्थिति गंभीर नहीं बनी, फिर भी सतर्कता बेहद ज़रूरी है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से घरों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है। खासकर उन्हें नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की चेतावनी दी गई है। साथ ही, आपदा प्रबंधन, नगर निगम, फायर सर्विस और पुलिस की टीमें पूरे शहर में निगरानी कर रही हैं।
कहां-कहां है खतरे की स्थिति?
देवखड़ी, रक्सिया और कलसिया जैसे इलाकों में तेज जल प्रवाह देखा गया है। कई जगहों पर नालों का पानी सड़कों तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि यह हादसा एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति लापरवाही की कीमत को उजागर करता है। बारिश के मौसम में हमें अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है, लेकिन जनता का सहयोग भी उतना ही जरूरी है।

