नई दिल्ली : 5 मई को राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में एक अत्यंत भावुक क्षण देखने को मिला, जब भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर ज्ञानी जैल सिंह जी के परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे। जब राष्ट्रपति ने पुष्पांजलि दी, तो वह क्षण पूरे परिवार के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक बन गया। आइए जानते है इस खबर को विस्तरा से…

संयुक्त आयुक्त रुपिंदर सिंह ने जताया आभार…
आपको बता दें कि ज्ञानी जैल सिंह के पोते और लुधियान के संयुक्त आयुक्त रुपिंदर सिंह ने इस अवसर पर आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हम बहुत ही विनम्र और भावुक महसूस कर रहे थे जब माननीय राष्ट्रपति ने हमारे दादा को इस तरह से श्रद्धांजलि दी। यह हमें उनकी राष्ट्रसेवा की अमर विरासत की याद दिलाता है। हमें हमेशा गर्व रहेगा और हम सदा आभारी रहेंगे। जय हिंद!”
एक महान नेता की स्थायी विरासत
दरअसल, ज्ञानी जैल सिंह न सिर्फ भारत के पहले सिख राष्ट्रपति थे, बल्कि उन्होंने देश के लिए एक लंबी राजनीतिक यात्रा में केंद्रीय गृह मंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। उनका जीवन त्याग, सेवा और समर्पण का प्रतीक था।