नेशनल डेस्क: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके व्यापार सलाहकार पीटर नवारो द्वारा भारत पर की गई “आपत्तिजनक” टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। थरूर ने ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि ट्रंप टैरिफ को “जादुई हथियार” मानते हैं, जिससे वह अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने और अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “टैरिफ के जरिए ट्रंप आयातित सामानों की कीमतें बढ़ाकर अमेरिकी निर्माताओं को वापस लाना चाहते हैं ताकि अमेरिका में अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।”
नवारो के बयानों ने पूरे देश में गहरी प्रतिक्रिया को जन्म दिया
थरूर ने ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके बयानों से भारत में गहरी नाराज़गी और अपमान की भावना पैदा हुई है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच रिश्ते अच्छे हो रहे हैं। शशि थरूर ने कहा, “भारत के साथ टैरिफ लगाने को लेकर जो व्यवहार किया जा रहा है, वह अनुचित है। ट्रंप के बयानों और ट्वीट्स से भारत में गुस्सा है, और नवारो के बेहद आपत्तिजनक बयानों ने पूरे देश में गहरी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है। अगर 30 सालों से चले आ रहे अच्छे रिश्ते में कोई खास समस्या नहीं है, तो ऐसे बयान क्यों दिए गए?”
#WATCH | Speaking on tariff imposed by the US, in an interview to ANI, Congress MP Shashi Tharoor says, “…Mr Trump has this idea that tariffs are the magic instrument to solve a number of his problems…The unfairness of this has created a very strong backlash in India and the… pic.twitter.com/xjuuXXGSTb
— ANI (@ANI) September 23, 2025
इसके बाद शशि थरूर ने पीटर नवारो पर भी आरोप लगाया। नवारो ने हाल ही में भारत से आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले को सही ठहराते हुए एक “जाति-आधारित टिप्पणी” की थी। नवारो ने भारत के ब्राह्मणों पर आरोप लगाया था कि वे भारतीय लोगों की कीमत पर मुनाफ़ा कमा रहे हैं। इसके अलावा, नवारो ने भारत को “क्रेमलिन के लिए धोबीघर” बताया और कहा कि भारत का व्यापार असंतुलन और भू-राजनीतिक गठबंधनों को बढ़ावा देना अमेरिकी हितों के खिलाफ है।
नवारो ने पीएम मोदी की विदेश नीति की आलोचना की
नवारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की भी आलोचना की, उन्हें एक “महान नेता” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि भारत का रूस और चीन के साथ संबंध अमेरिका के खिलाफ हैं और इससे भारत की स्थिति कमजोर होती है। शशि थरूर ने इन सभी बयानों को “बेहद आपत्तिजनक” और “निराधार” करार दिया और कहा कि ऐसे बयानों से भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को नुकसान होगा।

