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Greenland से हमारा कोई लेना-देना नहीं, ट्रंप कर ले कब्जा… राष्ट्रपति पुतिन के बयान से मचा हड़कंप

March 29, 2025

Greenland से हमारा कोई लेना-देना नहीं, ट्रंप कर ले कब्जा… राष्ट्रपति पुतिन के बयान से मचा हड़कंप

Trump occupy Greenland Putin statement ; इंटरनेशनल डेस्क : डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका और रूस के रिश्तों में एक नई मिठास देखने को मिल रही है। पिछले कुछ महीनों में कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं और बयान इस बात का संकेत देते हैं कि दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर हो सकते हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

ग्रीनलैंड पर रूस ने किया समर्थन

दरअसल, हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ग्रीनलैंड पर अमेरिका की योजनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ग्रीनलैंड, जो वर्तमान में डेनमार्क का हिस्सा है, पर ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि यह क्षेत्र अमेरिका का हिस्सा बन सकता है। पुतिन ने इस पर कहा कि अमेरिका के ग्रीनलैंड को लेकर योजनाएं गंभीर हैं और इनकी गहरी ऐतिहासिक जड़ें हैं। हालांकि, पुतिन ने इस मुद्दे पर कोई कड़ी आलोचना नहीं की और इसे अमेरिका और डेनमार्क का मामला बताया। उन्होंने साफ कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका की योजनाओं से रूस का कोई लेना-देना नहीं है, और यह दोनों देशों के बीच का विषय है।

यूक्रेन युद्ध में अमेरिका का रूख बदलना

फरवरी में, ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य मदद को रोकने का ऐलान किया, जिससे रूस को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा हुआ। इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र संघ में भी अमेरिका का रुख रूस के खिलाफ प्रस्तावों में कुछ हद तक नरम दिखा। यह स्थिति अमेरिका के यूक्रेन के प्रति सहानुभूति में कमी को दर्शाती है और रूस को एक नई उम्मीद देती है कि अमेरिका यूक्रेन युद्ध में और अधिक हस्तक्षेप नहीं करेगा।

अर्थव्यवस्था और निवेश में सहयोग

रूस और अमेरिका के बीच रिश्तों में सुधार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण संकेत आया जब पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिव ने कहा कि रूस अमेरिका के साथ संयुक्त निवेश अवसरों पर विचार करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच आर्कटिक क्षेत्र में निवेश सहयोग की संभावना पर चर्चा हो रही है। दिमित्रिव ने यह भी कहा कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के बाद ही ऐसे सहयोगी सौदों की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं, और यह महत्वपूर्ण है कि अमेरिका रूस की स्थिति को समझे।

रूस की स्थिति को समझने की अमेरिका की कोशिश

दिमित्रिव ने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका अब रूस की स्थिति को समझने की कोशिश कर रहा है, जो कि अच्छे संकेत हैं। इसका मतलब है कि दोनों देशों के बीच संवाद और समझदारी बढ़ रही है, और यह एक स्वस्थ बातचीत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन घटनाओं और बयानों से यह साफ प्रतीत होता है कि अमेरिका और रूस के रिश्तों में सुधार हो रहा है। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, आर्कटिक क्षेत्र में साझेदारी और यूक्रेन युद्ध को लेकर दोनों देशों का बदलता रुख यह संकेत देता है कि भविष्य में इन दोनों देशों के बीच रिश्ते और मजबूत हो सकते हैं।

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