नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (EGoM) ने बिहार में दो बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन पर कुल 7,616 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मोदी कैबिनेट की मीटिंग में लिए गए फैसलों की ब्रीफिंग करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी।
अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के तहत मोकामा से मुंगेर तक 82.4 किलोमीटर लंबा नया 4-लेन हाइवे बनाया जाएगा। इस परियोजना की लागत 4,447.38 करोड़ रुपये है और इसे हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा। हाइवे मोकामा, बड़हिया, लखीसराय, जमालपुर और मुंगेर जैसे महत्वपूर्ण शहरों से होकर जाएगा।
यह हाईवे 100 किमी/घंटा की डिज़ाइन गति के साथ लगभग 1.5 घंटे में यात्रा का समय कम करेगा। टोल टैक्स की सुविधा और सुरक्षित कनेक्टिविटी यात्रियों और माल वाहनों के लिए उपलब्ध होगी। सरकारी अनुमान के अनुसार इस परियोजना से लगभग 14.83 लाख मानव-दिवस प्रत्यक्ष रोजगार और 18.46 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
#WATCH | Cabinet approves construction of 4-lane greenfield access-controlled Mokama-Munger section of the Buxar-Bhagalpur High-Speed Corridor in Bihar on Hybrid Annuity Mode (HAM) with a total project length of 82.4 km with an outlay of Rs 4,447.38 Crore
Union Minister Ashwini… pic.twitter.com/13esGLvnyt
— ANI (@ANI) September 10, 2025
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुंगेर-जमालपुर-भागलपुर क्षेत्र औद्योगिक रूप से तेजी से विकसित हो रहा है। यहां आयुध कारखाने, लोकोमोटिव वर्कशॉप, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और लॉजिस्टिक्स व वेयरहाउसिंग केंद्र बन रहे हैं। भागलपुर सिल्क और कपड़ा उद्योग के केंद्र के रूप में उभर रहा है, जबकि बड़हिया खाद्य प्रसंस्करण और कृषि गोदाम के लिए महत्वपूर्ण होगा।
#WATCH | Cabinet approves doubling of Bhagalpur – Dumka – Rampurhat single railway line section (177 Km) in Bihar, Jharkhand and West Bengal with total cost of Rs. 3,169 Crore.
Union Minister Ashwini Vaishnaw says, “Its investment will be Rs. 3,169 crores. This is also a very… pic.twitter.com/me388vCQrp
— ANI (@ANI) September 10, 2025
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 177 किलोमीटर लंबी सिंगल लाइन को डबल ट्रैक में बदलने की मंजूरी दी गई। इस परियोजना की लागत लगभग 3,169 करोड़ रुपये है। इससे रेलवे की क्षमता बढ़ेगी, भीड़भाड़ कम होगी और सेवा की विश्वसनीयता में सुधार होगा। सरकार का कहना है कि ये दोनों परियोजनाएं प्रधानमंत्री मोदी के “नया भारत” के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। इससे न सिर्फ क्षेत्रीय विकास होगा बल्कि लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।