नेशनल डेस्क : ओडिशा के देवगढ़ जिले के कुण्ढ़ेइगोला थाना क्षेत्र के खिलेई पंचायत के तलैसिर गांव में एक बेहद दुखद घटना घटी। रेंगाली जल भंडारण क्षेत्र में एक नाव पलटने से दो छोटे बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां अब तक लापता हैं। यह घटना उस समय हुई जब एक परिवार मछली पकड़ने के लिए नाव से नदी पार कर रहा था। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
हाथियों के डर से लौट रहे थे परिवार के लोग
घटना के बारे में जानकारी के मुताबिक, यह हादसा देर रात हुआ जब परिवार नदी पार कर रहा था। वे मछली पकड़ने के लिए नदी के किनारे एक मचान बनाकर रात बिताने गए थे, लेकिन रात के समय हाथियों के डर के चलते वे लोग वापस लौटने लगे। इस दौरान नाव पलट गई और चार लोग पानी में डूब गए।
नाव पलटने से चार लोग डूबे
डोंगा में सवार थे बूलू पेन्ठेई, उनकी पत्नी ज्योत्स्ना पेन्ठेई, उनका 5 साल का बेटा आयुष पेन्ठेई और 3 साल का बेटा रियांश पेन्ठेई। नाव पलटने के बाद चारों लोग पानी में गिर गए। घटना के बाद गुरुवार सुबह आयुष और रियांश के शव नदी से बरामद कर लिए गए, लेकिन उनकी मां ज्योत्स्ना का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है।
पिता बूलू पेन्ठेई किसी तरह से बच निकले
इस हादसे में बूलू पेन्ठेई किसी तरह से बच गए, लेकिन उन्होंने अपनी आंखों के सामने अपने दो बच्चों को खो दिया। साथ ही, उनकी पत्नी ज्योत्स्ना की तलाश अभी भी जारी है। स्थानीय पुलिस और बचाव दल की मदद से उनकी खोज जारी है।
पारिवारिक जाल बिछाने के दौरान नाव पलटी
खिलेई पंचायत के सरपंच गोविंद प्रधान ने बताया कि “कल मछली पकड़ने के लिए जाल बिछाते वक्त नाव पलट गई और उस वक्त दोनों बच्चे भी नाव में सवार थे। नाव पलटने के बाद दोनों बच्चे और उनकी मां पानी में डूब गए।” उन्होंने बताया कि यह परिवार मूसाकनी गांव का निवासी था और अक्सर मछली पकड़ने के लिए नदी में आता था।
असुरक्षित नदी पार करने पर सवाल
रेंगाली जलाशय में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों एक परिवार रात के अंधेरे में बिना किसी सुरक्षा उपाय के नदी पार करने के लिए मजबूर था। क्या प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई करेगा?
ग्रामीणों में शोक की लहर
घटना ने पूरे गांव को शोक और दहशत में डाल दिया है। स्थानीय लोग और परिवार के अन्य सदस्य इस हादसे से आहत हैं और उनकी आंखों में बस आंसू हैं। फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है और बचाव कार्य जारी है। यह हादसा न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए एक बड़े शोक का कारण बन गया है। प्रशासन को अब इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

