महाराष्ट्र : महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है। इस बीच आज महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और शिवसेना( यूबीटी ) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को सत्र में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एक बड़ी मांग रख दी है। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर को भारत रत्न मिलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से पर तंज कसते हुए बोला कि आखिर बीजेपी वीर सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दे रही है?
बीजेपी पर निशाना
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने भी वीर सावरकर को भारत रत्न देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। लेकिन इसके बावजूद सावरकर को भारत रत्न नहीं दिया गया। उद्धव ने कहा कि जब बीजेपी वीर सावरकर के बारे में कुछ नहीं कर रही, तो उन्हें इस पर बोलने का कोई हक नहीं है।
कांग्रेस और बीजेपी को सलाह
उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस और बीजेपी को सावरकर-सावरकर और नेहरू-नेहरू की रट बंद करनी चाहिए। अतीत में जो हुआ, उस पर बात करने के बजाय हमें यह देखना चाहिए कि भविष्य में हम क्या कर सकते हैं। दोनों पार्टियों ने अपने समय में जो किया, वह उनकी जगह सही था। इसलिए पीएम मोदी को भी अब नेहरू के नाम की रट लगाना बंद करना चाहिए।”
एनसीपी का रुख
बता दें कि उद्धव ठाकरे की इस मांग पर उनकी सहयोगी पार्टी, एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के नेताओं ने इस पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे। एनसीपी के नेता जितेंद्र आह्वाड ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, इसलिए वे इस पर कुछ नहीं कह सकते।
शिवसेना (एकनाथ शिंदे) का विरोध
उद्धव ठाकरे की वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने भी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के नेता और कैबिनेट मंत्री भारत गोगावले ने कहा, “उद्धव ठाकरे ने जो मांग की है, वह ठीक है, लेकिन यह मुद्दा महायुति (गठबंधन) में चर्चा के बाद तय किया जाएगा। हालांकि, उद्धव ठाकरे को वीर सावरकर पर बोलने का कोई हक नहीं है, क्योंकि वे अब हिंदुत्व की विचारधारा से अलग हो चुके हैं।”

