Last Updated: November 8, 2026

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UK प्रवास रहा बहुत अहम, 60 हजार करोड़ रुपए निवेश के प्रस्ताव हुए प्राप्त : CM Mohan Yadav

November 28, 2024

UK प्रवास रहा बहुत अहम, 60 हजार करोड़ रुपए निवेश के प्रस्ताव हुए प्राप्त : CM Mohan Yadav

CM Mohan Yadav : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने यूनाइटेड किंगडम (यूके) प्रवास के समापन के अवसर पर इसे बहुत अहम बताते हुए कहा कि ये कई अर्थों में बहुत महत्वपूर्ण रहा और मध्यप्रदेश को इस प्रवास से 60 हजार करोड़ रुपयों के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार डॉ यादव ने कहा कि इसमें सभी प्रकार के सेक्टर जैसे चिकित्सा, उद्योग, माइनिंग और सर्विस सेक्टर शामिल है। एग्रीकल्चर में भी लोगों ने रुचि दिखाई है।

मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान वार्विक मैन्युफेक्चरिंग ग्रुप के भ्रमण के संदर्भ में कहा कि विश्वविद्यालयों और अकादमिक संस्थानों द्वारा किए जाने वाले शोध और अध्ययन की सार्थकता तभी है, जब वे समाज हित में हों। विश्व के कई देशों में शिक्षा के क्षेत्र में इस दिशा में पहल हो रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी नई शिक्षा नीति के माध्यम से इस ओर कदम बढ़ाए हैं। आने वाली चुनौतियों का सामना करने में विद्यार्थियों को सक्षम और समर्थ बनाना वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की प्राथमिक आवश्यकता है।

डॉ यादव बुधवार को लंदन की वार्विक यूनिवर्सिटी पहुंचे और विशेष-विशेषज्ञों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस कैंपस में 30 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहाँ रिसर्च की मूल कल्पना है कि रिसर्च के साथ में इनोवशन भी करें, जिसका लाभ उद्योगों के साथ समाज को भी मिले। इससे हम बदलते दौर में स्वयं के विकास के साथ मानवता की सेवा भी कर सकते हैं।

डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऑटोमोटिव क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्य जारी है, अभी भी अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि संभावनाएं तलाशी जाएंगी कि मध्यप्रदेश के युवा यूके के वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप में आकर दक्षता अर्जित करें और ग्रुप के विशेषज्ञ भी मध्यप्रदेश आकर प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं। साथ ही विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से डबल्यूएमपी ग्रुप को संबद्ध करने की दिशा में भी पहल होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूके में वे अपने देश के अन्य प्रदेशों के साथ मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों से भी मिले। उनसे आत्मीय संवाद हुआ। इस कैम्पस में पूरी दुनिया से विद्यार्थी पढ़ने के लिये आ रहे हैं। इस मॉडल को मध्यप्रदेश में भी लागू कर सकते हैं। इसके लिये यहाँ के विश्वविद्यालयों का मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू करायें। हम प्रयास करेंगे कि हमारे इंडस्ट्री के कैम्पस में भी ऐसे रिसर्च सेन्टर बने, जिनका लाभ सभी को मिले।

डॉ यादव ने कहा कि कई औद्योगिक समूह शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। विश्वविद्यालय को आत्म-निर्भर बनाने की दिशा में कार्य करते हुए उपयुक्त समूहों से समन्वय कर अपने परिसरों में शोध केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी पहल करना चाहिए। डॉ यादव ने कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में जारी बेस्ट प्रैक्टिसेज का मध्यप्रदेश में क्रियान्वयन करने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएमजी और मध्यप्रदेश का परस्पर संपर्क और विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों का आवागमन बना रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इंग्लैंड में सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक के रूप में आए हैं। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय सरस्वती देवी के समान हैं। इनका लाभ समूची मानवता को मिलना चाहिए। वर्तमान यांत्रिक युग में यंत्र का अपना महत्व है, परंतु यंत्र के पीछे तंत्र और तंत्र के पीछे मंत्र है। मन की सात्विकता यंत्रों को नियंत्रित करती है। मानव मात्र के कल्याण का संस्कार ही हमारा मूल भाव होना चाहिए। वैश्विक रूप से हम बहुत छोटी दुनिया में जी रहे हैं, ऐसे में यदि सभी देश अपनी अच्छाइयों को बांटते रहेंगे तो सबका भला होगा।

उन्होंने कहा कि लंदन यात्रा के दौरान भगवान स्वामी नारायण मंदिर जाने और स्वामी नारायण सम्प्रदाय तथा इस्कॉन के सदस्यों से भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश में दो प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं, साथ ही प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विभिन्न लोकों का निर्माण हो रहा है। स्वामी नारायण संप्रदाय और इस्कॉन भी मध्यप्रदेश में अपने नये केंद्र निर्मित करेंगे। उनकी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर देव स्थानों की स्थापना से मंदिर संस्कृति और आध्यात्मिक संस्कारों का विस्तार होगा और प्रदेशवासियों को इन सम्प्रदायों से जुड़कर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

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