Uttarakhand landslide : उत्तराखंड में इन दिनों मूसलाधार बारिश का कहर जारी है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और सड़कों के बहने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। वही सोनप्रयाग क्षेत्र में जहां भारी बारिश के कारण देर रात भूस्खलन हो गया। इस घटना में केदारनाथ से लौट रहे 40 से अधिक श्रद्धालु फंस गए, जिन्हें SDRF ने रात्रिकालीन बचाव अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला।
सोनप्रयाग में देर रात हुआ भूस्खलन
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे अचानक भारी मलबा गिरा, जिससे रास्ता बाधित हो गया और कई श्रद्धालु भूस्खलन के पास फंस गए। जैसे ही घटना की सूचना मिली, SDRF की टीम मौके पर रवाना हुई और देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया।
#WATCH | Rudraprayag, Uttarakhand | SDRF rescued around 40 devotees stranded in the Sonprayag landslide zone while on their way back from Shri Kedarnath Dham.
Debris suddenly fell late at night near Sonprayag on the way to Kedarnath Dham, due to which more than 40 pilgrims… pic.twitter.com/3raGuM5PJ0
— ANI (@ANI) July 3, 2025
बद्रीनाथ और यमुनोत्री मार्ग पर भी बाधा
उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बद्रीश होटल के पास भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात ठप हो गया है। वहीं, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड और ओजरी के बीच सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया है, जिससे मार्ग दो स्थानों पर बंद है। उत्तरकाशी पुलिस ने कहा कि मार्ग को बहाल करने में समय लग सकता है। स्थिति को देखते हुए SDRF, NDRF, पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और अस्थायी रास्तों के जरिए यात्रियों की मदद कर रहे हैं।
बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग उमट्टा बद्रीश होटल के पास मलबा आने के कारण अवरूद्ध हो गया है। pic.twitter.com/oCO9izqDQA
— Chamoli Police Uttarakhand (@chamolipolice) July 3, 2025
आवश्यक सेवाएं भी हुईं प्रभावित
लगातार हो रही बारिश से बिजली और पानी की आपूर्ति भी कई क्षेत्रों में ठप हो गई है। टिहरी जनपद के आगराखाल, चंबा, जाखिंधर और दुगमंदर जैसे इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है, जबकि चंबा ब्लॉक के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
बादल फटने से चारधाम यात्रा हुई थी स्थगित
बता दें कि रविवार को बरकोट के पास बादल फटने की घटना सामने आई थी, जिसमें दो श्रमिकों की मौत हो गई थी और सात लोग लापता हो गए थे। इस घटना के चलते चारधाम यात्रा को 24 घंटे के लिए रोक दिया गया था, जिसे सोमवार को दोबारा शुरू किया गया।
प्रशासन ने की अपील
प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखें और बिना जानकारी के पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचें। सुरक्षा के मद्देनजर राहत और बचाव टीमें लगातार कार्यरत हैं।

