नई दिल्ली: भारत में नए उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को बताया कि उसने इस चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की अंतिम सूची तैयार कर ली है। यह चुनाव जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद जरूरी हो गया है।
क्यों हो रहा है चुनाव?
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल अभी दो साल से ज्यादा बचा था, लेकिन उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। धनखड़ के इस्तीफे के दो दिन बाद ही चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, नए उपराष्ट्रपति को पूरा 5 साल का कार्यकाल मिलेगा, न कि केवल बचे हुए साल।
निर्वाचक मंडल में कौन-कौन शामिल है?
भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें शामिल होते हैं। राज्यसभा के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत दोनों) और लोकसभा के निर्वाचित सदस्य। आयोग ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए निर्वाचक मंडल की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। यह सूची अधिसूचना जारी होने के बाद, चुनाव आयोग के विशेष काउंटर से खरीदी जा सकती है। अधिसूचना बहुत जल्द जारी होने की उम्मीद है।
कौन हो सकता है अगला उपराष्ट्रपति ?
अभी तक आधिकारिक रूप से किसी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कुछ प्रमुख नाम चर्चा में हैं, नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री, बिहार), मनोज सिन्हा (उपराज्यपाल, जम्मू-कश्मीर)वी. के. सक्सेना (उपराज्यपाल, दिल्ली) हरिवंश नारायण सिंह (राज्यसभा उपसभापति), जो इस समय राज्यसभा की कार्यवाही संभाल रहे हैं।
जीतने के लिए कितने वोट चाहिए ?
इस समय संसद में कुल 782 सदस्य हैं। उपराष्ट्रपति बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 392 वोट चाहिए। वर्तमान गणना के अनुसार, एनडीए (सत्तारूढ़ गठबंधन) के पास लोकसभा में 293 सांसद हैं, और राज्यसभा में लगभग 130 सांसदों का समर्थन है। INDIA गठबंधन के पास लोकसभा में 234 सांसद, और राज्यसभा में 79 सदस्यों का समर्थन है। इससे यह संकेत मिलता है कि एनडीए के पास बहुमत है, और वह आसानी से अपना उम्मीदवार जिता सकती है।

