नेशनल डेस्क : 12 जून की रात अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही एक भयानक विमान हादसा हुआ। एयर इंडिया की फ्लाइट, जिसमें 242 लोग सवार थे, टेक ऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद आग का गोला बन गई। इस हादसे में किसी की भी जान नहीं बची। हादसे में पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल की भी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आज सुमित का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया। जिसके बाद उसकी अंतिम यात्रा निकाली गई। उनके 88 वर्षीय बुजुर्ग पिता पुष्करराज सभरवाल, जो अब अकेले रह गए हैं, हाथ जोड़कर नम आंखों से बेटे को अंतिम बार देख रहे थे। वो दृश्य हर किसी का दिल तोड़ देने वाला था एक पिता जो अपने बेटे को खो चुका था, जो अब उसकी सेवा का सपना देख रहा था। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
पायलट ने भेजा था आपात संदेश…
आपको बता दें कि जैसे ही विमान ने रनवे छोड़ा, 50 सेकेंड बाद पायलट सभरवाल ने ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) को आपात स्थिति का इशारा देते हुए कहा “Mayday, Mayday, Mayday… No Power, No Thrust, Going Down…” यह उनका आखिरी संदेश था। इसके बाद विमान का ATC से संपर्क टूट गया और वह अहमदाबाद के डॉक्टर्स हॉस्टल की इमारत से टकरा गया, जिससे भीषण आग लग गई। पूरा विमान जलकर खाक हो गया।
#WATCH | #AirIndiaPlaneCrash | Maharashtra: Father of Captain Sumeet Sabharwal, Pushkaraj pays emotional tribute to his son outside their residence in Powai, Mumbai.
Captain Sabharwal was flying the ill-fated London-bound Air India flight that crashed soon after take off in… pic.twitter.com/NStRiMM6BY
— ANI (@ANI) June 17, 2025
कैप्टन सभरवाल का पार्थिव शरीर पहुंचा घर…
कैप्टन सुमित सभरवाल का शव जब उनके पवई स्थित घर लाया गया, तो माहौल शोक और सन्नाटे से भर गया। उनके 88 वर्षीय बुजुर्ग पिता पुष्करराज सभरवाल, जो अब अकेले रह गए हैं, हाथ जोड़कर नम आंखों से बेटे को अंतिम बार देख रहे थे। वो दृश्य हर किसी का दिल तोड़ देने वाला था – एक पिता जो अपने बेटे को खो चुका था, जो अब उसकी सेवा का सपना देख रहा था।
एक पिता का टूटा सहारा…
कैप्टन सुमित सभरवाल अक्सर अपने दोस्तों और परिवार से कहते थे, “अब मैं रिटायरमेंट लेकर अपने पापा की सेवा करूंगा।” लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस बेटे ने अपने पिता के लिए सपने देखे थे, वह अब उनकी आंखों के सामने पंचतत्व में विलीन हो गया। पिता का सहारा, उनकी उम्मीद और उनका संसार एक झटके में बिखर गया।
कैप्टन सभरवाल थे एक जिम्मेदार और अनुभवी पायलट
कैप्टन सुमित सभरवाल बहुत ही अनुभवी पायलट थे। उनके पास 8,200 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव था। वह एक शांत और जिम्मेदार पायलट के रूप में जाने जाते थे। इस दुर्घटना से पहले उन्होंने पूरी कोशिश की कि विमान को सुरक्षित उतारा जा सके, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के आगे वो भी मजबूर हो गए।
कई जानें बचाई, लेकिन खुद ना बच सके
जब विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, उस समय कैप्टन सभरवाल ने अपने अनुभव का इस्तेमाल कर विमान को भीड़-भाड़ वाले इलाके से हटाने की कोशिश की। इससे मेघाणी नगर के कई लोगों की जान बच गई, लेकिन खुद सुमित और अन्य 240 यात्रियों की जान नहीं बच सकी।
चाकाला के श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
आज, चाकाला के हिन्दू श्मशान घाट पर सुमित सभरवाल का अंतिम संस्कार किया गया। पूरा माहौल ग़मगीन था। एयर इंडिया के कर्मचारी, परिचित, परिवार और आम लोग उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस हादसे ने सिर्फ विमान नहीं गिराया, बल्कि कई सपनों, रिश्तों और उम्मीदों को भी खत्म कर दिया। हर उस यात्री का परिवार अब एक खालीपन, दर्द और अफसोस के साथ जीवन बिताने को मजबूर है।

