नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने राज्य में हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक निरंतर जारी रहने वाला मुद्दा है। राज्यपाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में दो बड़ी समस्याएं पनप रही हैं, हिंसा और भ्रष्टाचार। राज्यपाल ने कहा कि हिंसा को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
बंगाल में हिंसा एक कड़वी सच्चाई
राज्यपाल बोस ने मुर्शिदाबाद और मालदा में हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए कहा, “बंगाल में हिंसा एक कड़वी सच्चाई है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में दो कैंसर जैसी बीमारियां हैं – एक हिंसा और दूसरी भ्रष्टाचार। हमें इन समस्याओं की जड़ों तक पहुंचकर इन्हें खत्म करना होगा। मुझे पूरा यकीन है कि हम इस लड़ाई में विजयी होंगे।”
उन्होंने बताया कि राजभवन के “शांति कक्ष” में हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से लगातार बड़ी संख्या में शिकायतें और सहायता के अनुरोध आते रहते हैं। लेकिन, केंद्रीय बलों की तैनाती के बाद इन शिकायतों में काफी कमी आई है। राज्यपाल ने कहा, “पिछले दो दिनों में केंद्रीय बलों की तैनाती के बाद शिकायतों की संख्या में बहुत कमी आई है। मैंने प्रभावित लोगों से सीधे बात की और उन्हें विश्वास दिलाया कि हम उनके साथ हैं।”
मालदा में पुनर्वास शिविरों का दौरा करेंगे
राज्यपाल बोस ने यह भी बताया कि वह मालदा में पुनर्वास शिविरों का दौरा करेंगे और राहत कार्य में तेजी लाने के लिए रेड क्रॉस से मदद का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, “रेड क्रॉस एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो युद्ध क्षेत्रों में भी काम करता है। हम प्रभावित लोगों को राहत और सहायता प्रदान करने के लिए सभी संसाधनों का उपयोग करेंगे।”
केंद्र सरकार के साथ संपर्क में राज्य सरकार
राज्यपाल बोस ने कहा कि वह इस पूरी स्थिति पर पूरी सतर्कता बनाए रखेंगे और राज्य सरकार और केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, “हम शांति और सामान्य स्थिति को स्थापित करने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हिंसा की जड़ को खत्म किया जाए और बंगाल के लोगों के प्रति हमारी यह प्रतिबद्धता रहेगी।”
राज्यपाल बोस का यह दौरा वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ 11 अप्रैल को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए हो रहा है। इस हिंसा में तीन लोग मारे गए थे, कई लोग घायल हुए थे और बहुत संपत्ति का नुकसान हुआ था। इसके कारण कई लोग विस्थापित हो गए हैं, जिनमें से कुछ लोग झारखंड के पाकुड़ जिले में गए हैं, जबकि अन्य मालदा में स्थित राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं।
भड़काऊ भाषण न दें राजनीतिक दल: हाईकोर्ट
गुरुवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय बलों को कुछ समय तक मुर्शिदाबाद में रहना होगा ताकि कानून और व्यवस्था बनाए रखी जा सके। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि सभी राजनैतिक दलों के नेता भड़काऊ भाषण न दें, जिससे स्थिति और न बिगड़े। इस बीच, राज्यपाल बोस ने कहा कि वह अपनी यात्रा के दौरान मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों का दौरा करके स्थिति का आकलन करेंगे और राहत कार्यों को प्राथमिकता देंगे।
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