इंटरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान में लाहौर और मुरीदके शहरों में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच भयंकर हिंसा हुई। इस झड़प में 10 से ज्यादा लोग मारे गए और 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई और आरोप है कि सुरक्षा बलों ने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। TLP के समर्थकों ने आरोप लगाया कि रेंजर्स ने बख्तरबंद वाहनों से 70 लोगों को कुचल दिया।
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पुलिस ने बल का प्रयोग किया
झड़पें उस वक्त हुईं जब TLP के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे और पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख चौराहों जैसे यातीम खाना चौक, चौबुर्जी, आजादी चौक और शाहदरा पर बैरिकेड्स तोड़ दिए थे। पुलिस ने खारियां शहर में जीटी रोड पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए गड्ढे खोद दिए। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों को और आगे बढ़ने से रोकने के लिए सराय आलमगीर में झेलम पुल और चेनाब नदी के पास भी गड्ढे खोद दिए गए।
TLP प्रवक्ता का बयान
TLP के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार, जो मरियम नवाज के नेतृत्व में है, ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा और उत्पीड़न के जरिए उन्हें दबाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाना पाकिस्तान में अब एक अपराध बन गया है।

