नेशनल डेस्क: शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश के हर निर्वाचन क्षेत्र में वोट घोटाला हो रहा है, लेकिन आयोग इन शिकायतों को नजरअंदाज कर रहा है और जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहा है।
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प्रियंका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “चुनाव आयोग को लगता है कि वोटों में हेराफेरी की शिकायतों को अनदेखा कर वह बच जाएगा, लेकिन हर निर्वाचन क्षेत्र की जांच में वोट घोटाले सामने आ रहे हैं।” उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया था कि कर्नाटक के कई विधानसभा क्षेत्रों में नकली मतदाता जोड़े गए, और अब वहां की SIT जांच ने भी इस बात की पुष्टि की है।
Election Commission continues to think that with its brazen non response to genuine concerns of vote manipulation they will be able to escape accountability. But deep dive into every constituency is consistently showing vote scam.
LoP Shri Rahul Gandhi in his press conference had…— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) October 28, 2025
प्रियंका ने आगे बताया कि यूबीटी विधायक और युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने अपने वर्ली विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ियों के सबूत पेश किए हैं। उनके अनुसार 28 मतदाताओं के पास कोई मतदाता पहचान संख्या नहीं है। 133 मतदाताओं के नाम अलग-अलग हैं लेकिन पहचान संख्या एक जैसी है। 3,856 लोगों को दो-दो मतदाता पहचान संख्या दी गई है।कुल मिलाकर लगभग 7,810 मतदाता पहचान पत्रों में विसंगतियां पाई गईं।
उन्होंने यह भी बताया कि रिकॉर्ड में कई डुप्लिकेट नाम, गलत पते, झूठी उम्रें और मिलान न होने वाले विवरण हैं। उदाहरण के तौर पर 502 मतदाताओं के नाम उनके रिश्तेदारों जैसे ही हैं। 720 मतदाताओं के पिता और पुत्र के उपनाम अलग हैं। 643 मामलों में लिंग संबंधी त्रुटियां हैं। 113 मतदाता ऐसे हैं जिनकी उम्र 100 वर्ष से ज्यादा बताई गई है। कई मतदाताओं की तस्वीरें गायब या गलत हैं। 38 मतदाता एक छोटे से कमरे में दर्ज हैं जहाँ सिर्फ 5 लोग रह सकते हैं। 46 मतदाता ऐसे पते पर पंजीकृत हैं जो अब अस्तित्व में नहीं है।
उन्होंने कहा, “क्या चुनाव आयुक्त इन शिकायतों पर ध्यान देंगे या फिर भाजपा मुख्यालय से निर्देश आने का इंतज़ार करेंगे?” उनकी यह टिप्पणी उस समय आई जब आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में इन गड़बड़ियों की वजह से महा विकास अघाड़ी (MVA) को नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ये विसंगतियाँ आगामी बीएमसी चुनावों को प्रभावित कर सकती हैं।
इस बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को घोषणा की कि चुनाव आयोग 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का दूसरा चरण शुरू करेगा। इसकी अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी, 2026 को जारी की जाएगी।यह प्रक्रिया अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में होगी। चुनाव आयोग के मुताबिक प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक होगा।
गणना चरण नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगा। मसौदा सूची 9 दिसंबर को जारी की जाएगी। दावे और आपत्तियां 9 दिसंबर से 8 जनवरी, 2026 तक ली जाएंगी। अंतिम सूची 7 फरवरी, 2026 को प्रकाशित होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब आधार कार्ड को भी मतदाता पहचान सत्यापन के लिए मान्य दस्तावेजों में शामिल किया गया है। इस तरह एक ओर विपक्ष मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों का आरोप लगा रहा है। वहीं चुनाव आयोग देशभर में मतदाता सूची को दुरुस्त करने की नई प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
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