नेशनल डेस्क: नई दिल्ली में सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्षी INDIA गठबंधन पर बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन ‘समाजवाद’ की जगह ‘नमाजवाद’ लाना चाहता है। उनका इशारा राजद और कांग्रेस जैसी पार्टियों की ओर था।
उन्होंने कहा कि ये पार्टियां अल्पसंख्यकों की भी परवाह नहीं करतीं, बल्कि मुल्ला-मौलवियों के सामने झुककर अपने राजनीतिक फायदे के लिए काम करती हैं। त्रिवेदी ने कांग्रेस और आरजेडी को ‘पक्के नमाजवादी’ कहा और बिहार के लोगों से अपील की कि वे सोच-समझकर फैसला लें क्योंकि अब उनके पास केवल दो ही विकल्प हैं।
वक्फ बिल और शरिया कानून पर सवाल
त्रिवेदी ने वक्फ कानून के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव की हाल की बयानबाज़ी का ज़िक्र किया और पूछा, “क्या INDIA गठबंधन बिहार में शरिया कानून लागू करना चाहता है?” उन्होंने आगे कहा कि अगर यह गठबंधन सत्ता में आया, तो वह छुपकर (पिछले दरवाजे से) शरिया कानून लागू करने की कोशिश करेगा। इसके विपरीत, बीजेपी बाबा साहब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुरान और वक्फ को लेकर टिप्पणी
भाजपा नेता ने दावा किया कि कुरान में ‘वक्फ’ शब्द का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा, “यह शब्द मुल्ला-मौलवियों की उपज है। कुरान कहता है कि जरूरतमंदों की मदद करो, जमा मत करो।” उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे संविधान को ‘मौलवी लिपि’ में बदलना चाहते हैं और संविधान का मजाक उड़ा रहे हैं।
शाह बानो केस का ज़िक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने 1985 के शाह बानो केस का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने शाह बानो को गुजारा भत्ता देने का फैसला दिया, तो कांग्रेस ने संसद में उसे पलट दिया और शरिया कानून को संविधान से ऊपर रख दिया। उन्होंने कहा, “अगर ये पार्टियां सत्ता में आईं, जो संभव नहीं है, तो वे अंबेडकर जी के संविधान को कूड़ेदान में फेंक देंगी और शरिया लागू करेंगी।”

