नेशनल डेस्क : आज दोपहर 12 बजे लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया गया। यह बिल संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू द्वारा पेश किया गया। इस पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय रखा गया है, लेकिन अगर सदन की सहमति मिलती है तो इस समय को बढ़ाया भी जा सकता है। सरकार ने यह भी कहा है कि आज ही चर्चा का जवाब भी दिया जाएगा। सत्तारूढ़ दल बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है, ताकि वे सदन में उपस्थित रहें। वहीं, विपक्ष भी इस बिल का विरोध करने के लिए एकजुट हो रहा है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
#WATCH संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। pic.twitter.com/ZjbcCrbjeM
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- कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ में नहीं आएगा: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “वक्फ अधिनियम और बोर्ड 1995 में लागू हुआ। गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में सभी तर्क वक्फ में हस्तक्षेप के बारे में हैं। सबसे पहले, कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ में नहीं आएगा। इसे स्पष्ट रूप से समझें… धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन करने वालों में किसी भी गैर-मुस्लिम को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है; हम ऐसा नहीं करना चाहते हैं। यह एक बहुत बड़ी गलत धारणा है कि यह अधिनियम मुसलमानों के धार्मिक आचरण में हस्तक्षेप करेगा और उनके द्वारा दान की गई संपत्ति में हस्तक्षेप करेगा। यह गलत धारणा अल्पसंख्यकों में अपने वोट बैंक के लिए डर पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है।”कई सदस्यों के बीच कई गलतफहमियां
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मैं अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगी द्वारा पेश किए गए विधेयक का समर्थन करता हूं। मैं दोपहर 12 बजे से चल रही चर्चा को ध्यान से सुन रहा हूं। मुझे लगता है कि कई सदस्यों के बीच कई गलतफहमियां हैं, चाहे वह वास्तविक हो या राजनीतिक। साथ ही, इस सदन के माध्यम से उन गलतफहमियों को पूरे देश में फैलाने की कोशिश की जा रही है।” - अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि भारत में “बाबा साहब का संविधान चलेगा, न कि मुग़लिया फरमान।” उन्होंने यह भी कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है, जिस पर चर्चा करना जरूरी है, ताकि देश की मुख्यधारा की सत्ता और संविधान की ही प्रधानता बनी रहे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि “ये हिंदुस्तान है, कोई पाकिस्तान-तालिबान नहीं। यहां मुगलिया फरमान नहीं चलेगा।”
- बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में कहा कि कांग्रेस देश में वक्फ बिल के खिलाफ भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि अब वक्फ को बदलने का समय आ गया है। वक्फ सिर्फ 200 लोगों के हाथों में है और भ्रष्टाचार का अड्डा बना हआ है।
#WATCH | #WaqfAmendmentBill | भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, “यह विधेयक नहीं बल्कि एक उम्मीद है। इस उम्मीद में एंपावरमेंट, एफिशिएंसी और डेवलपमेंट है। इसे देखते हुए देश की जनता इसका समर्थन कर रही है। कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, चर्च ऑफ भारत, केरल काउंसिल ऑफ चर्चेज और केरल… pic.twitter.com/HfGdRoAR6y
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- लोकसभा सांसद और JDU के बड़े नेता ललन सिंह ने कहा कि यह बिल मुस्लिम विरोधी नहीं है। इस बिल में सभी लोगों के साथ न्याय हुआ है। JDU इस बिल का पूरी तरह से समर्थन करती है।
- वहीं शिवसेना (यूबीटी) नेता अरविंद सावंत ने कहा कि बीजेपी हमें हिंदुत्व न सिखाए। इनके कथनी और करनी में बहुत अंतर है।
- बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मथुरा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा, “जब मैं उत्तर प्रदेश में मंत्री था, तब वक्फ विभाग मेरे पास था। वहां 90% मुकदमे के सिवाय कुछ नहीं था। मथुरा में जितने वक्फ हैं, उनमें समाज के लिए कोई काम हो रहा है?” उनके अनुसार, वक्फ की संपत्ति पर आज बड़े लोगों का कब्जा है और समाज के गरीब तबकों को इसका कोई फायदा नहीं हो रहा।
#WATCH मथुरा, उत्तर प्रदेश: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, “जब में उत्तर प्रदेश में मंत्री था, तब वक्फ विभाग मेरे पास था। वहां 90% मुकदमे के सिवाय कुछ नहीं है… मथुरा में जितने वक्फ हैं उसमें समाज के लिए कोई काम हो रहा है? एक जमीन पर कई… pic.twitter.com/UlBq3RPzlM
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- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को पूरी तरह से वापस लेने का अनुरोध किया। उन्होंने सरकार से इस विधेयक पर पुनर्विचार करने की अपील की, ताकि मुस्लिम समुदाय की संस्कृति और अधिकारों का संरक्षण किया जा सके।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से प्रस्तावित वक्फ विधेयक 2024 को पूरी तरह वापस लेने का आग्रह किया। pic.twitter.com/fSIZmiFerx
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- कल्याण बनर्जी, जो तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्ति मुस्लिम समुदाय के लिए “बैकबोन” है और इस विधेयक के जरिए इस्लामिक परंपराओं और संस्कृति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
- (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि सरकार इस बिल के माध्यम से केवल अपनी राजनीतिक हित साधना कर रही है, और यह सामाजिक ताने-बाने के खिलाफ है।
- तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने वक्फ संशोधन बिल का विरोध करते हुए इसे अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक अल्पसंख्यक समाज के लिए ठीक नहीं है, और सरकार को इसे वापस ले लेना चाहिए।
- समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला किया। बीजेपी वोट बैंक की राजनीति कर रही है, और वक्फ संपत्तियों के माध्यम से अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना चाहती है।
- अखिलेश यादव ने कहा, खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहने वाली पार्टी अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।”
#WATCH | समाजवादी पार्टी के मुखिया और सांसद अखिलेश यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “…खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहने वाली पार्टी अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।”
इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मेरे सामने जितनी भी पार्टियां… pic.twitter.com/sdeCldbAoh
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- अखिलेश यादव ने कहा, “बीजेपी को महंगाई और बेरोजगारी से परेशान अपने समर्थकों को संभालने के लिए यह बिल लाया है।”
- अखिलेश ने वोटों का ध्रवीकरण करने के उद्देश्य से इस बिल को लाने की बात कही। उनका यह भी कहना था कि बीजेपी मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों को अपने लोगों के नाम करना चाहती है, ताकि उन्हें चुनावी लाभ मिल सके।
- अखिलेश यादव ने वक्फ बिल को सरकार की नाकामियों पर पर्दा डालने वाला कदम बताया। उनके मुताबिक, “यह बिल सरकार की उन नाकामियों को छुपाने का प्रयास है, जिनका समाधान नहीं किया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि जब देश के अधिकांश दल इस बिल के विरोध में हैं, तो सरकार इसे लाने की कोशिश क्यों कर रही है?
- अखिलेश ने इस बिल के नीति और नीयत पर भी सवाल उठाया। उनके अनुसार, “न तो नीति सही है और न ही नीयत।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल के माध्यम से सरकार देश के करोड़ों लोगों की संपत्ति को छीनने की कोशिश कर रही है।
- रविशंकर प्रसाद ने वक्फ के स्वरूप पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “वक्फ धार्मिक संस्था नहीं है, वह एक वैधानिक संस्था है।” वह यह कहना चाहते थे कि यदि वक्फ की संपत्तियों को गलत तरीके से हड़पने की कोशिश की जा रही है, तो संविधान की धारा 25 के तहत सरकार को कानून बनाने का अधिकार है, ताकि इन संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
- रविशंकर प्रसाद ने यह भी सवाल उठाया कि वक्फ की 8 लाख करोड़ की संपत्ति का कितना सही इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने पूछा, “इन संपत्तियों पर कितने अस्पताल और स्कूल बने? वक्फ की संपत्ति का कितनी बार इस्तेमाल महिलाओं के उत्थान के लिए किया गया?”
- बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने वक्फ संशोधन विधेयक पर विपक्ष की प्रतिक्रिया को लेकर एक अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की राजनीतिक मजबूरी है, जिसके कारण वे इस बिल के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। उनके अनुसार, दिल से इस संशोधन का समर्थन करना चाहिए, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते वे कदम पीछे खींच रहे हैं।
- संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अप्रैल-मई 2014 में चुनाव हुए। 5 मार्च 2014 को यूपीए सरकार ने आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली 123 प्रमुख संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को हस्तांतरित कर दिया। इसकी क्या जरूरत थी? चुनाव में बस कुछ ही दिन बचे थे। क्या आप इंतजार नहीं कर सकते थे?
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ” 2012-2013 में किए गए कामों के बारे में मैं बताना चाहता हूं कि चुनाव नजदीक थे और आचार संहिता लागू होने वाली थी। अप्रैल-मई 2014 में चुनाव हुए। 5 मार्च 2014 को यूपीए सरकार ने आवास एवं शहरी विकास… pic.twitter.com/kASpLy1mfS
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- रिजिजू ने अपने भाषण के दौरान कहा कि इस बिल का विरोध करनेवाले पश्चताप करेंगे। मैं पीएम मोदी का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने मेरे जैसे साधारण से कार्यकर्ता को इतना बड़ा काम करने के योग्य समझा। उन्होंने अंत में कहा कि मेरे हमराही बनो, मेरी हिम्मत को तो सराहो, मैंने एक शमां जलाई है हवाओं के खिलाफ…
- UPA सरकार ने वक्फ बोर्ड को अन्य कानूनों के मुताबिक इसे ज्यादा ऊपर कर दिया है। इसलिए नये संसोधनों की आवश्यकता पड़ी है।
- वक्फ ट्रिब्यूनल को लेकर किरेन रिजिजू, कहा कि इसमें दो नहीं तीन मेंबर होंगे। साथ ही इसका कार्यकाल 6 साल का होगा। वहीं अगर ट्रिब्यूनल में आपकी समस्य का हल नहीं होता है तो अब आप अदलात का रुख कर सकते है।
- वहीं कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि इनकी नजर एक विशेष समाज की जमीन पर है। कल दूसरे समुदायों के जमीन पर नजर जाएगी। ये केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य संविधान को कमजोर करना और भारतीय समाज को बांटना है।
- संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा “दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी भारत में है, फिर भी मुसलमान गरीब क्यों हैं? क्यों मुसलमानों को शिक्षा का लाभ नहीं मिल रहा? क्यों उनके पास रोजगार नहीं है?” उन्होंने यह सवाल उठाया कि वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन अगर सही तरीके से किया जाए तो इससे मुस्लिम समाज के विकास के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं।
- केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरण रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक पर कहा कि अगर इस विधेयक में संशोधन नहीं किए जाते तो जो जगह हम आज संसद भवन में बैठकर कार्य कर रहे हैं, वह भी वक्फ की संपत्ति बन जाती। रिजिजू ने यह दावा भी किया कि यूपीए के शासनकाल के दौरान कुल 123 संपत्तियों को वक्फ को सौंप दिया गया था।
#WATCH | लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “दिल्ली में 1970 से चल रहा एक मामला CGO कॉम्प्लेक्स और संसद भवन समेत कई संपत्तियों से जुड़ा है। दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इन संपत्तियों को वक्फ संपत्ति बताया था। मामला कोर्ट में था, लेकिन… pic.twitter.com/KN0bzksvls
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- संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि बिल का धार्मिक स्थल की व्यवस्था से कोई लेना- देना नहीं है। यह सिर्फ संपत्ति के व्यवस्था का मामला है। इस बिल को लेकर JPC में भी विस्तार से चर्चा हुई है।
- हम केवल पुराने बिल को सुधार कर ला रहे है। देश की जनता को इस बिल को लेकर गुमराह किया जा रहा है।
#WATCH | लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “…मुझे न केवल उम्मीद है, बल्कि मुझे पूरा यकीन है कि इस विधेयक का विरोध करने वालों के दिलों में भी बदलाव आएगा। हर कोई सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ इस विधेयक का समर्थन करेगा…”
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- वक्फ बिल को लेकर 97 लाख से ज्यादा सुझाव आए है। पूरे इतिहास में इतनी चर्चा किसी भी बिल को लेकर नहीं हुई।
- रिजिजू ने कहा उम्मीद है विपक्ष भी समर्थन करेगा। यह बिल कोई नया विषय नहीं है। यह अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है।
- लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश हो गया है। बता दें कि संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को लोकसभा में पेश किया है।
वक्फ बिल के समर्थन में कौन-कौन?
लोकसभा में 542 सदस्य हैं और NDA (National Democratic Alliance) के पास 293 सांसद हैं। बीजेपी, जो इस गठबंधन की मुख्य पार्टी है, कई बार निर्दलीय सांसदों का समर्थन प्राप्त कर चुकी है। हालांकि, कुछ बीजेपी के सहयोगी दलों जैसे TDP (तेलुगू देशम पार्टी), JDU (जनता दल यूनाइटेड) और LJP (लोक जनशक्ति पार्टी) ने इस बिल पर पहले कुछ आपत्ति जताई थी, लेकिन संसद की संयुक्त समिति द्वारा कुछ बदलावों को मानने के बाद अब वे इस बिल का समर्थन करने को तैयार हैं।
BJP के सहयोगी दलों का समर्थन:
| पार्टी | लोकसभा सांसदों की संख्या |
| BJP | 240 |
| TDP | 16 |
| JDU | 12 |
| शिवसेना | 07 |
| LJP (आर) | 05 |
| JDS | 02 |
| जनसेना | 02 |
| RLD | 02 |
| अन्य | 07 |
| कुल | 293 |
इस प्रकार, वक्फ बिल के समर्थन में कुल 293 सांसद हैं। जबकि बहुमत का आंकड़ा 272 है, सरकार को यह आंकड़ा मिल चुका है और बिल पास होने की संभावना है।
वक्फ बिल के विरोध में कौन-कौन?
विपक्षी दल इस विधेयक का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह बिल असंवैधानिक है और मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ है। कई मुस्लिम संगठन भी इस बिल के विरोध में एकजुट हो गए हैं।
विरोधी दलों की स्थिति:
| पार्टी | लोकसभा सांसदों की संख्या |
| कांग्रेस | 99 |
| समाजवादी पार्टी | 37 |
| TMC (तृणमूल कांग्रेस) | 28 |
| DMK | 22 |
| शिवसेना (UBT) | 09 |
| लेफ्ट | 08 |
| NCP (शरद पवार) | 08 |
| RJD | 04 |
| AAP | 03 |
| JMM | 03 |
| IUML | 03 |
| नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) | 02 |
| अन्य | 10 |
| कुल | 236 |
कुल मिलाकर, वक्फ बिल के विरोध में 236 सांसद खड़े हैं। हालांकि, 7 निर्दलीय सांसदों और 4 सांसदों ने अभी तक इस बिल के समर्थन या विरोध में कोई फैसला नहीं लिया है।
राज्यसभा में वक्फ बिल:
राज्यसभा में कुल 236 सदस्य हैं और बहुमत का आंकड़ा 119 है। वक्फ बिल के समर्थन में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के 125 सांसद हैं, जबकि विरोध में कुल 88 सांसद हैं।
वक्फ बिल के समर्थन में राज्यसभा में:
- बीजेपी के 98 सांसद
- सहयोगी दलों के 19 सांसद
- 6 मनोनीत सदस्य
- 2 निर्दलीय सांसद
इस तरह से कुल 125 सांसद इस बिल का समर्थन कर रहे हैं, जो बहुमत से 6 ज्यादा हैं।
वक्फ बिल के विरोध में राज्यसभा में:
- कांग्रेस के 27 सांसद
- अन्य विपक्षी दलों के 60 सांसद
- 1 निर्दलीय सांसद
विपक्ष के पास कुल 88 सांसद हैं। हालांकि, 7 सांसदों ने अभी तक कोई रुख नहीं अपनाया है।
इस तरह, लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल के समर्थन और विरोध की स्थिति साफ है। सरकार के पास बहुमत है, लेकिन विपक्ष इसे असंवैधानिक और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ मान रहा है, जिससे इस पर बहस और विरोध जारी रहेगा।

