Site icon Dainik Savera Times

‘हम इसलिए स्वतंत्र हुए ताकि हर व्यक्ति को सुख, सुरक्षा और सम्मान मिले’, स्वतंत्रता दिवस पर बोले मोहन भागवत

नई दिल्ली: 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने ओडिशा के भुवनेश्वर में तिरंगा फहराया। यह कार्यक्रम उत्कल विपन्न सहायता समिति में आयोजित हुआ। इस मौके पर मोहन भागवत ने कहा, “भारत इसलिए स्वतंत्र हुआ ताकि देश के हर व्यक्ति को सुख, साहस, सुरक्षा, शांति और सम्मान मिल सके। हमारा देश बाकी दुनिया के लिए शांति और खुशहाली का रास्ता दिखाने का काम करता है।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत एक अनोखा देश है, जो अपने धर्म और मूल्य पूरी दुनिया से साझा करता है। आज जब दुनिया बहुत सारी समस्याओं से जूझ रही है, तब हमारा कर्तव्य है कि हम अपने धार्मिक और सांस्कृतिक सिद्धांतों के आधार पर विश्व को समाधान दें।” भागवत ने यह भी कहा कि पिछले 2000 वर्षों से दुनिया ने कई प्रयोग किए, लेकिन समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। इसलिए भारत को एक नई, सुख-शांति वाली दुनिया बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी की RSS की तारीफ

स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले से अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी RSS की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “आज से 100 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। यह संगठन ‘व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ के संकल्प के साथ बना था। आज यह दुनिया का सबसे बड़ा गैर सरकारी संगठन (NGO) बन चुका है।” प्रधानमंत्री ने बताया कि RSS ने पिछले 100 वर्षों में देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है। यह संगठन मातृभूमि के कल्याण के लिए हमेशा खड़ा रहा है।

किसानों के हितों पर भी बोले पीएम मोदी

अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि वो हमेशा किसानों के हित में खड़े रहेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “अगर कोई नीति भारत के किसानों, मछुआरों या पशुपालकों के खिलाफ है, तो मोदी उनके लिए दीवार बनकर खड़ा रहेगा।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका भारत पर अपने कृषि बाजार को खोलने का दबाव बना रहा है और रूस से तेल खरीदने पर भारत को आर्थिक दंड झेलना पड़ रहा है।

‘लकीर को लंबा करने’ वाली सोच अपनाने की अपील

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज के दौर में जब पूरी दुनिया आर्थिक स्वार्थों में उलझी है, तो हमें नकारात्मक सोच छोड़कर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें दूसरों की लकीर को छोटा करने की बजाय अपनी लकीर को लंबा करने की कोशिश करनी चाहिए। तभी दुनिया हमारी ताकत को मानेगी।”

Exit mobile version