नेशनल डेस्क: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए नुकसान को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। पुणे के सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय में “भविष्य के युद्ध और युद्ध” पर विशेष व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा कि “परिणाम और आप कैसे कार्य करते हैं, ये ज्यादा महत्वपूर्ण हैं”।
क्रिकेट के उदाहरण से समझाया नुकसान का मतलब
सीडीएस ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा उठाए गए कदमों को क्रिकेट मैच से जोड़ते हुए समझाया। उन्होंने कहा, “जब मुझसे हमारी तरफ हुए नुकसान के बारे में पूछा गया, तो मैंने कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है। परिणाम और कार्य करने का तरीका अधिक महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, यदि आप एक क्रिकेट टेस्ट मैच खेलते हैं और आप एक पारी से हार जाते हैं, तो इस बात का कोई सवाल ही नहीं होता कि कितने विकेट गिरे, कितनी गेंदें फेंकी गईं या कितने खिलाड़ी आउट हुए।”
#WATCH | Pune | Chief of Defence Staff (CDS) General Anil Chauhan says, “…On the 10th of May, at about 1 am, their (Pakistan) aim was to get India to its knees in 48 hours. Multiple attacks were launched and in some manner, they have escalated this conflict, which we had… pic.twitter.com/hBqlz912cU
— ANI (@ANI) June 3, 2025
सीडीएस का बयान
जनरल चौहान ने बताया कि 10 मई को, पाकिस्तान का लक्ष्य था कि वह 48 घंटों में भारत को घुटने टेकने पर मजबूर कर दे। कई हमलों के बावजूद, भारतीय सशस्त्र बलों ने केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और ऑपरेशन केवल आठ घंटे में खत्म हो गया। इसके बाद पाकिस्तान ने युद्ध विराम की घोषणा करने के लिए फोन किया। उन्होंने कहा, “हमारे विरोधी ने पहले भारत को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी, लेकिन पाकिस्तान को यह समझ में आ गया कि उनकी रणनीति सफल नहीं हो रही है, इसलिए उन्होंने बात करने की इच्छा जताई।”
पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र
सीडीएस ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला इस युद्ध की शुरुआत थी। आतंकवाद को लेकर उन्होंने कहा, “क्या आतंकवाद को युद्ध का हिस्सा माना जा सकता है? मेरा मानना है कि आतंकवाद का कोई तार्किक आधार नहीं होता, क्योंकि यह बिना किसी ठोस कारण के होता है।”
पाकिस्तान का भारत के प्रति रवैया
उन्होंने पाकिस्तान के रवैये पर भी प्रतिक्रिया दी, “हमारे विरोधी ने भारत को हजारों घाव देकर उसे रक्तरंजित करने का फैसला किया है। 1965 में, जुल्फिकार अली भुट्टो ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए भारत के खिलाफ हजार साल के युद्ध की घोषणा की थी।”
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता
7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया, जिसके तहत पाकिस्तान के अंदर नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। इसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय रक्षा और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय सेना ने सटीक और प्रभावी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कई पाकिस्तानी हवाई ठिकाने नष्ट कर दिए गए। 10 मई को शत्रुता समाप्त करने पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी।