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पहलगाम हमला: ‘हम भारत के साथ खड़े हैं’, इजरायली PM नेतन्याहू ने पीएम मोदी से की बातचीत

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। यह बातचीत जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के संदर्भ में हुई। इजरायल ने इस हमले की कड़ी निंदा की और भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर इस बातचीत की जानकारी दी।

नेतन्याहू ने की हमले की निंदा 
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने इस हमले की बर्बरता को साझा किया और आतंकवादियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए भारत के दृढ़ संकल्प को दोहराया। इसके बाद, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि उनका देश भारत के लोगों और हमले में मारे गए नागरिकों के परिवारों के साथ खड़ा है। इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को तकनीकी, खुफिया और अन्य क्षेत्रों में लगातार सहयोग का आश्वासन दिया।

 

आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत 
मंगलवार को हुए इस हमले में 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई। यह हमला 2019 के पुलवामा बम विस्फोट के बाद जम्मू और कश्मीर में सबसे बड़ा और खतरनाक आतंकी हमला माना जा रहा है। इस घटना ने एक शांतिपूर्ण पर्यटन स्थल को हिंसा का शिकार बना दिया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही कड़ी निंदा 
इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हो रही है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने भी भारत के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की। कनाडा के नेताओं ने इसे “विश्वास और मानवता पर बर्बर हमला” करार दिया और त्वरित न्याय की मांग की। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इसे “हिंसा का एक मूर्खतापूर्ण और चौंकाने वाला कृत्य” कहा और कहा कि उनका देश इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है।

भारत ने उठाए बड़े कदम  
भारत ने इस हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक बुलाई। भारत ने अपराधियों और उनके समर्थकों को जवाबदेह ठहराने का संकल्प लिया और कई सख्त कदम उठाने की घोषणा की, जैसे कि सिंधु जल संधि को निलंबित करना, अटारी चेक पोस्ट को बंद करना, पाकिस्तान के सार्क वीजा छूट को रद्द करना और दोनों देशों के राजनयिक मिशनों में कर्मचारियों की संख्या कम करना।

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