नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार दोपहर बादल फटने से भारी तबाही हुई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 69 लोग अब भी लापता हैं। कई परिवार उजड़ चुके हैं, घर-मकान बह गए हैं, और लोग अपने अपनों को मलबे में तलाश रहे हैं।
गुरुवार दोपहर करीब 12:25 बजे किश्तवाड़ में बादल फट गया। कुछ ही मिनटों में तेज बारिश, मलबा, पेड़ और पत्थर गांव की ओर बहने लगे। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही बाढ़ और मलबे ने कई मकान, दुकानें और मंदिरों को अपनी चपेट में ले लिया।
एक महिला ने कहा, “मैं घर में थी, जब जोर से शोर सुनाई दिया। मेरी जेठानी ने मुझे रसोई से बाहर निकाला, उसे काफी चोटें आई हैं। हमारा नया घर जो नाले के पास था, वो पूरी तरह बह गया। जो भी भाग गया, वो बच गया।”

एक पीड़िता ने बताया, “हम खाना खा रहे थे तभी लोगों ने चिल्लाना शुरू किया, भागो भागो! हमें कुछ समझ नहीं आया कि किस तरफ भागें। मेरा बेटा थोड़ी दूर नीचे चला गया और कूड़े में फंस गया। उसे निकालने में आधा घंटा लग गया।”
पुंछ से काम करने आए मिस्त्री सलाहुल हसन ने बताया,”हम एक ब्रिज पर काम कर रहे थे तभी तेज आवाज के साथ मलबा बहकर आया और सब कुछ बहा ले गया। मंदिर के पास लंगर चल रहा था, वहां काफी भीड़ थी। हम लोगों ने एक टूटी इमारत के नीचे से 10 लाशें खुद निकालीं। अभी भी कई लोग मलबे में दबे हैं।”
किश्तवाड़ में आई भयानक त्रासदी में 16 रिहायशी मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं। 3 मंदिर और 4 पानी की चक्कियां बह गईं हैं। करीब 30 मीटर लंबा पुल टूटा गया है और दर्जनों वाहन मलबे में दब गए। बाजार, लंगर स्थल और एक सुरक्षा चौकी पूरी तरह खत्म हो गई।
VIDEO | Kishtwar, Himachal Pradesh: Massive cloudburst hits the region; visuals show extensive damage and panic in affected areas.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/5K36ADrKqh
— Press Trust of India (@PTI_News) August 14, 2025
अब तक 167 घायलों को बचाया गया है। राहत टीमों की कोशिशें लगातार जारी हैं, लेकिन इलाके में मलबा और भारी पत्थरों के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि गांव पूरी तरह समतल हो गया है, मकान ताश के पत्तों की तरह गिर गए हैं और सड़कें चट्टानों से बंद हो चुकी हैं। लोग अभी भी अपनों को ढूंढने के लिए मलबे में खोजबीन कर रहे हैं।