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‘बिहार से घुसपैठियों को खदेड़ेंगे, लालू-राहुल की राजनीति बेनकाब होगी’, अररिया में गरजे अमित शाह

नेशनल डेस्क: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अररिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बनाने का नहीं, बल्कि बिहार की पवित्र धरती से घुसपैठियों को बाहर निकालने का चुनाव है।

घुसपैठियों पर सीधा वार: अमित शाह 

शाह ने कहा, “भाजपा का संकल्प है कि हम बिहार से हर एक घुसपैठिए को निकालकर बाहर करेंगे।” उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लालू यादव और राहुल गांधी घुसपैठियों को वोटिंग का अधिकार दिलाना चाहते हैं, जबकि भाजपा भारत के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना चाहती है।

 

“तेजस्वी को सीएम बनाना ही लालू का मिशन”

अमित शाह ने कहा कि लालू यादव का एकमात्र मकसद है कि उनके बेटे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बना दिया जाए। उन्होंने कांग्रेस और राजद की आलोचना करते हुए कहा कि “ये चुनाव भाजपा के लिए बिहार की सुरक्षा और सम्मान का चुनाव है, जबकि इनके लिए सिर्फ सत्ता की भूख का।”

भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया

शाह ने आरोप लगाया कि “लालू एंड कंपनी ने बिहार को लूटा है। कांग्रेस ने 12 लाख करोड़ के घोटाले किए।” उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार के 11 सालों में भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी ने जो यात्रा निकाली, उसका मकसद था घुसपैठियों को मतदाता सूची में बनाए रखना।” शाह ने जनता से पूछा, “क्या आपको लगता है कि घुसपैठियों को भारत में वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए?”

 

मोदी सरकार की योजनाएं गिनाईं

अमित शाह ने कहा कि “जब केंद्र में सोनिया-मनमोहन की सरकार थी, तब बिहार को सिर्फ 2.8 लाख करोड़ रुपए मिले। लेकिन मोदी जी ने 2014 से 2025 तक बिहार को 16 लाख करोड़ रुपए दिए हैं।” उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बिहार में सड़कें, पुल, सिंचाई, उद्योग, और रेल प्रोजेक्ट दिए हैं।

एनडीए बनाम इंडिया ब्लॉक की टक्कर

बिहार की 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए के पास 131 विधायक हैं, जिसमें भाजपा के 80, जदयू के 45, हम (सेक्युलर) के 4, 2 निर्दलीय विपक्षी इंडिया ब्लॉक के पास 111 विधायक हैं, जिसमें राजद के 77, कांग्रेस के 19 और वाम दलों के 15 (CPI-ML, CPM, CPI)।

चुनाव की तैयारी जोरों पर

बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में संभावित हैं। फिलहाल चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा नहीं की है, लेकिन सभी दलों ने प्रचार और रणनीति की तैयारी शुरू कर दी है। अमित शाह के दौरे का मकसद पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरना और एनडीए को संगठित करना है।

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