Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

Pahalgam Attack : युद्ध हुआ तो हम भारत का साथ देंगे… पाकिस्तान के मौलाना ने खुले मंच से दिया चौंकाने वाला बयान

May 6, 2025

Pahalgam Attack : युद्ध हुआ तो हम भारत का साथ देंगे… पाकिस्तान के मौलाना ने खुले मंच से दिया चौंकाने वाला बयान

इंटरनेशनल डेस्क : पाकिस्तान के अंदर अब सरकार और सेना के खिलाफ असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। बलूचिस्तान की तरह अब खैबर पख्तूनख्वा और इस्लामाबाद की लाल मस्जिद से भी ऐसे बयान सामने आ रहे हैं जो यह साफ संकेत देते हैं कि पाकिस्तान अंदर से ही बिखर रहा है। आपको बता दें कि खैबर पख्तूनख्वा की एक मस्जिद के मौलाना मोहम्मद रंगीला ने खुले मंच से एलान किया कि अगर भारत पाकिस्तान पर हमला करता है, तो वे भारत का साथ देंगे। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

पाक सेना नहीं, भारतीय सेना को सलाम

दरअसल, मौलाना ने मस्जिद में खुले मंच से कहा कि “मैं कसम खाकर कहता हूं, अगर हिंदुस्तान की सेना ने पाकिस्तान पर हमला किया तो हम उनका साथ देंगे।” इस बयान ने पूरे पाकिस्तान को हिला दिया है क्योंकि यह किसी आम आदमी ने नहीं बल्कि एक धार्मिक नेता ने सार्वजनिक रूप से कहा है। बता दें कि मौलाना रंगीला का ये बयान कोई अकेली आवाज नहीं है। खैबर पख्तूनख्वा जैसे इलाकों में, जहां कभी तहरीक-ए-तालिबान का प्रभाव था और जहां पाकिस्तानी सेना ने नागरिकों पर अत्याचार किए, अब भारतीय सेना के समर्थन में बातें हो रही हैं। लोगों का कहना है कि पाकिस्तान की सेना ने उन्हें कभी चैन से जीने नहीं दिया।

पाकिस्तान अब टूटने के कगार पर

बलूचिस्तान की तरह अब खैबर पख्तूनख्वा में भी लोग गायब हो रहे हैं, लेकिन अब खामोशी टूटने लगी है। वहां खुलकर कहा जा रहा है। “जिन्ना साहब का पाकिस्तान अब अंदर से दरकने लगा है। बाहर से दुश्मन की ज़रूरत क्या, जब अंदर ही बगावत के नारे गूंजने लगे हैं।” पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की लाल मस्जिद, जो 1960 में बनी थी और जिसका धार्मिक और राजनीतिक प्रभाव बहुत ज़्यादा है, वहां से भी सरकार और सेना के खिलाफ बगावती सुर सुनाई दिए। मौलाना अब्दुल अज़ीज गाजी, जो इस मस्जिद के प्रमुख हैं, उन्होंने एलान किया कि अगर भारत से जंग हुई, तो वे पाकिस्तान की सरकार और सेना का समर्थन नहीं करेंगे।

 “भारत नहीं, पाकिस्तान में ज्यादा दमन” 

अपने भाषण में मौलाना गाजी ने पाकिस्तान की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “भारत की तुलना में पाकिस्तान में मुसलमानों पर ज़्यादा अत्याचार हो रहा है। यह जंग इस्लाम के लिए नहीं, केवल राष्ट्रीय स्वार्थ के लिए है।” उन्होंने साफ कहा कि जनता को ऐसी लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहिए, जो केवल सत्ता की भूख का नतीजा है।

पाकिस्तान के समर्थन में कोई नहीं आया

सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि जब मौलाना गाजी ने मस्जिद में मौजूद सैकड़ों लोगों से पूछा कि भारत के खिलाफ जंग में कौन पाकिस्तानी सेना का साथ देगा – तो किसी ने भी हाथ नहीं उठाया, न ही समर्थन की हामी भरी।

पाकिस्तान के अंदर से फूट की आग

ये घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अब पाकिस्तान के नागरिक और धार्मिक नेता खुद सरकार और सेना की नीतियों से परेशान हैं। बलूचिस्तान हो या खैबर पख्तूनख्वा, अब बगावत केवल खामोश नहीं रही, वो सार्वजनिक मंचों से गूंजने लगी है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें