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पश्चिम बंगाल: तुलसी मंच को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प, 40 लोग गिरफ्तार… राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

June 12, 2025

पश्चिम बंगाल: तुलसी मंच को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प, 40 लोग गिरफ्तार… राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के रवींद्र नगर इलाके में तुलसी मंच को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। झगड़ा धीरे-धीरे बढ़कर पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और अब यह मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह झगड़ा एक मंदिर के सामने बनी फलों की दुकान को लेकर शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि एक फलवाला कुछ दिनों के लिए बाहर गया था। उसकी गैरमौजूदगी में उसकी दुकान की जगह एक तुलसी मंच बना दिया गया। जब वह लौटा तो उसने इसका विरोध किया। इस विवाद के बाद इलाके में माहौल बिगड़ गया और कुछ उपद्रवियों ने थाने के पास खड़ी मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया। उसके बाद छतों से पत्थर फेंके गए और सड़क पर टायर जलाए गए।

मंदिर के पास अवैध निर्माण का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मंदिर के सामने अवैध तरीके से दुकानें बनाई जा रही थीं। जब लोगों ने विरोध किया और वहां एक तुलसी मंच बना दिया, तो उसके बाद मंदिर और हिंदू घरों पर हमले शुरू हो गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर के द्वार अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है।

अब तक 40 लोग गिरफ्तार
इस हिंसा में एक महिला कांस्टेबल सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए BNSS की धारा 163 के तहत सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और CCTV फुटेज के आधार पर और लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है।

राजनीति भी गरमाई
इस घटना को लेकर बीजेपी और टीएमसी आमने-सामने आ गई हैं। बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सांप्रदायिक ताकतों के सामने घुटने टेक दिए हैं।” वहीं शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि “बंगाल में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं। रवींद्र नगर में हिंदू समुदाय के लोगों पर हमला हुआ और पुलिस सिर्फ देखती रही।” बीजेपी ने राज्यपाल से मिलने का ऐलान किया है और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है।

टीएमसी का जवाब
वहीं टीएमसी ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “यह एक स्थानीय विवाद था, जिसे बीजेपी जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है।” टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि “पुलिस ने समय पर कार्रवाई की है। लेकिन बीजेपी इस मुद्दे को हवा देकर राज्य में अशांति फैलाना चाहती है।”

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