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‘प्रधानमंत्री कब बोलेंगे?’ ट्रंप के भारत-पाक शांति दावे पर जयराम रमेश ने उठाए सवाल

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को लेकर चिंता जताई है जिनमें ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को टालने में अहम भूमिका निभाई। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लगातार कई पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को साफ करना चाहिए कि डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोल रहे हैं या उनका दावा आधा सच है।

ट्रंप के दावे क्या हैं?
ट्रंप ने पिछले कुछ हफ्तों में 21 दिनों के भीतर 11 बार, तीन अलग-अलग देशों और शहरों में यह दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोका और परमाणु संघर्ष टालने के लिए व्यापार का इस्तेमाल किया। ट्रंप ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान दोनों को शांत कराने में अमेरिका की भूमिका रही और उन्होंने व्यापारिक सौदेबाजी के जरिए तनाव को कम किया।

अमेरिकी अधिकारी का भी दावा
अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भी 23 मई को न्यूयॉर्क की अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत में इसी तरह का बयान दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने एक 4 दिवसीय संभावित युद्ध को रोका था।

जयराम रमेश ने क्या कहा?
जयराम रमेश ने पूछा कि जब ट्रंप बार-बार ये बातें कह रहे हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी अब तक चुप क्यों हैं? उन्होंने तंज करते हुए लिखा, “क्या ट्रंप वही कर रहे हैं जो मोदी जी हमेशा करते हैं, यानी झूठ बोलना? या फिर क्या वह 50% सच बोल रहे हैं?” उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप भारत और पाकिस्तान को “समान” बताकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं और इस पर प्रधानमंत्री को स्पष्ट बयान देना चाहिए।

ट्रंप ने क्या कहा था?
हाल ही में वाशिंगटन में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन की व्यापार नीति ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम किया और परमाणु युद्ध की संभावना को टाल दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने लड़ाई की बजाय शांति के लिए व्यापार का रास्ता अपनाया।

विवाद क्यों हुआ?
इस पूरे बयान से भारत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि अगर ट्रंप का दावा सही है तो यह एक गंभीर कूटनीतिक मामला बन सकता है। और अगर यह गलत है, तो भारत सरकार को इसका खंडन करना चाहिए। इसी वजह से जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी से स्पष्टीकरण की मांग की है।

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