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‘मैं शपथपत्र पर क्यों साइन करूं?’, वोट चोरी विवाद पर राहुल गांधी का चुनाव आयोग को जवाब

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वे शपथपत्र पर हस्ताक्षर क्यों करें, जब यह डेटा उनका नहीं, बल्कि चुनाव आयोग का है।

यह मामला तब सामने आया जब राहुल गांधी ने कर्नाटक में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और फर्जी वोटिंग का आरोप लगाया। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने उन्हें एक पत्र भेजा, जिसमें कहा गया कि “आपके आरोपों के समर्थन में प्रमाण (सबूत) दीजिए और शपथपत्र पर हस्ताक्षर कीजिए, या फिर अपना बयान वापस लीजिए।”

राहुल गांधी का जवाब क्या था?

मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, “मैं शपथपत्र पर साइन क्यों करूं? ये उनका डेटा है, मेरा नहीं।” उन्होंने कहा, “उन्हें (चुनाव आयोग को) अपना डेटा अपनी वेबसाइट से देखना चाहिए। वे केवल ध्यान भटका रहे हैं।” कांग्रेस नेता ने कहा, “यह गड़बड़ी सिर्फ बेंगलुरु तक सीमित नहीं है, देश के कई इलाकों में ऐसा हुआ है।” उन्होंने कहा कि “आज चुनाव आयोग कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन एक दिन सब सामने आ जाएगा।”

संसद से चुनाव आयोग तक मार्च

इस मामले को लेकर सोमवार को विपक्षी दलों ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकालने की कोशिश की। करीब 300 सांसद इस मार्च में शामिल हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोककर हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी ने इसे लेकर कहा, “300 सांसद सिर्फ एक ज्ञापन (डॉक्युमेंट) चुनाव आयोग को सौंपना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने नहीं दिया गया।”

उन्होंने कहा, “यह लड़ाई अब सिर्फ राजनीतिक नहीं रही, बल्कि संविधान और ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सिद्धांत के लिए है।” कांग्रेस सांसद ने कहा, “हमने कर्नाटक में साफ दिखाया कि एक व्यक्ति के नाम पर कई वोट डाले गए। यह ‘मल्टीपल मैन, मल्टीपल वोट’ का मामला है।”

चुनाव आयोग का पक्ष

राहुल गांधी द्वारा वोटर लिस्ट में धांधली के आरोप लगाने के बाद, चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर कहा, ”अगर आपके पास सबूत हैं तो शपथपत्र देकर उन्हें जमा करें। अगर आपके पास कोई प्रमाण नहीं है, तो अपना बयान वापस लें और जनता को गुमराह करना बंद करें।”

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